यूपी के एक शख्स ने हिला दिया सिस्टम, सारे डीएम-एसपी के पास पहुंचा केंद्र सरकार का फरमान
यूपी की राजधानी लखनऊ में चार मई को एक हादसे में घायल हो गईं। युवती को इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के प्रति अस्पतालों का रवैया ठीक नहीं रहा। इस पर युवती के कॉलोनी के रहने वाले एक युवक ने एक शिकायत करके पूरे सरकारी सिस्टम को ही हिला दिया।

Kushinagar News: कुशीनगर के रहने वाले एक व्यक्ति ने अस्पतालों के रवैये को लेकर की गई शिकायत से पूरा सरकारी सिस्टम ही हिलाकर रख दिया। युवक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत प्रदेश के सभी डीएम-एसपी को फरमान जारी कर दिया और उसे शासनादेश की याद दिलाई जो 13 फरवरी 2026 को भेजा गया था। इस शासनादेश में पीएम राहत योजना के बारे में लिखा था।
दरअसल पूरा मामला 4 मई को लखनऊ में हुए हादसे से जुड़ा है। इस हादसे में एक युवती घायल हो गई थी। इस मामले में युवती के कॉलोनी के रहने वाले एक शख्स ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से एक शिकायत कर दी। युवक की शिकायत को केंद्र ने गंभीरता से लिया और सभी डीएम व एसपी को 13 फरवरी 2026 के पीएम राहत योजना से संबंधित शासनादेश की याद दिलाई है। निर्देश जारी करते हुए दोबारा बताया है कि सड़क हादसे में यदि कोई घायल होता है तो उसका डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज किसी भी अस्पताल में नि:शुल्क कैशलेस होगा। बशर्ते हादसे वाले इलाके से संबंधित थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज हो।
4 मई को सड़क हादसे में घायली हुई थी युवती
मामला यह था कि पडरौना शहर की युवती प्रीति जायसवाल लखनऊ में 4 मई को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे वहां निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवती को भर्ती कराने पडरौना शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी सुमित जायसवाल पहुंचे थे। वह दिल्ली उच्च न्यायालय में अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को पीएम राहत योजना का हवाला देते हुए युवती का मुफ्त एवं कैशलेस इलाज की मांग की। अस्पताल ने योजना की जानकारी से अनभिज्ञता जतायी और इनकार कर दिया। इसके बाद सुमित ने लखनऊ के अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जतायी। तब सुमित ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से यह शिकायत की।
केंद्र सरकार ने फरमान जारी कर याद दिलाया 13 फरवरी का आदेश
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर ने सभी डीएम व एसपी को पत्र जारी कर केन्द्र सरकार द्वारा जारी 13 फरवरी 2026 के आदेश की याद दिलाते हुए ऐसे मामलों में शासनादेश के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ डीएम के निर्देश पर घायल प्रीति को निशुल्क एवं कैशलेस इलाज दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है। सुमित के पिता पडरौना के वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार जायसवाल ने इस पहल के लिए बेटे को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।




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