कोडीन कफ सिरप केस में दो आरोपियों का कोर्ट में सरेंडर, 26 फरवरी को होगी सुनवाई
कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में दो आरोपियों ने शुक्रवार को कोर्ट सरेंडर कर दिया। दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। अब तक कुल 23 आरोपी बनाए जा चुके हैं। इनमें भोला को छोड़कर एक सप्ताह पहले 22 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।

कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में दो आरोपियों ने शुक्रवार को कोर्ट सरेंडर कर दिया। दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। जौनपुर जिले में वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिए करीब 42 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। जांच में पुष्टि होने पर 21 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर ने 12 फर्म संचालकों के अलावा शुभम और भोला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद सहारनपुर की फर्म वान्या इंटर प्राइजेज के जरिए भी चार फर्मों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।
यहां अब तक कुल 23 आरोपी बनाए जा चुके हैं। इनमें भोला को छोड़कर एक सप्ताह पहले 22 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। उसके बाद से ही इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी जा रही है। दबाव के बीच शुक्रवार को आरोपी अर्जुन सोनकर और आकाश सोनकर निवासी चितरसारी थाना कोतवाली ने अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के अलावा एनडीपीएस एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है। स्थानीय थाने की पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की जानी है।
छह लाख शीशियां ‘पी’ गया विनोद अग्रवाल
कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई में जेल भेजे गए विनोद अग्रवाल के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब क्राइम ब्रांच और ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल और उसके नेटवर्क ने कफ सिरप की करीब छह लाख शीशियां गायब कर दी हैं।
पुलिस की पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने दो साल में 19 लाख शीशियां बेची हैं, जबकि जांच में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश समेत आठ कंपनियों ने 25 लाख शीशियों की सप्लाई भेजी है। अब पुलिस फिर से विनोद अग्रवाल को रिमांड पर लेगी। गौरतलब है कि विनोद अग्रवाल पर कानपुर में 10 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें विनोद अग्रवाल, उसके बेटे समेत 11 लोग नामजद हैं।
हमीरपुर में कफ सिरप पीने के बाद बच्चे की मौत
सर्दी-खांसी से पीड़ित तीन साल के बच्चे को झोलाछाप के रूप में प्रैक्टिस करने वाली वार्ड आया ने वयस्कों वाला सिरप दे दिया। सिरप पिलाने के कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे पर पुलिस ने वार्ड आया उमा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सिचौलीपुरवा के ब्रजेश ने बताया कि बेटे कार्तिक को सर्दी-जुकाम होने पर उमा सिंह के क्लीनिक पर ले गए। वहीं वार्ड आया उमा ने बच्चे को 14 साल से अधिक उम्र के लिए सिरप दी।




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