विकलांग पति को मारने वाली पत्नी को प्रेमी संग उम्रकैद, 6 साल के बेटे ने खोला राज
यूपी के हापुड़ में बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छपकौली में 2024 में हुए इमरान हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह (प्रथम) ने मंगलवार को निर्णय सुनाया है। न्यायाधीश ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या करने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

यूपी के हापुड़ में बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छपकौली में 2024 में हुए इमरान हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह (प्रथम) ने मंगलवार को निर्णय सुनाया है। न्यायाधीश ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या करने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह सजा मात्र 35 कार्य दिवस में सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गौरव नागर ने बताया कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छपकौली निवासी आबिद ने बाबूगढ़ थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया था कि 27 अगस्त 2024 को गांव निवासी समीर जब इमरान के घर पर नहीं था तब उसके यहां सुबह करीब दस बजे आ गया था। दोपहर करीब दो बजे इमरान अचानक अपने घर आ गया। इमरान की पत्नी रुखसार ने समीर को कमरे के अंदर छिपा दिया।
दिव्यांग इमरान को पत्नी रुखसार व समीर के बीच अवैध संबंध का शक था। इमरान अंदर कमरे में गया तो उसने समीर को देख लिया। इस पर समीर और इमरान के बीच मारपीट हो गई। समीर ने इमरान की छाती पर बैठकर उसका मुंह दबा दिया और रुखसार ने इमरान के पैरों को पकड़ लिया। दोनों ने इमरान की हत्या कर दी। इस घटना को इमरान के पुत्र विहान ने देख लिया। उसने बताया था कि पिता इमरान की हत्या उसकी मम्मी रुखसार और समीर ने कर दी है।
पुत्र ने खोला था हत्या का राज
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गौरव नागर ने बताया इमरान की हत्या के बाद पत्नी रुखसार ने परिवार के सदस्यों और अपनी ननद को बताया था कि हार्टअटैक से इमरान की मौत हो गई है। इस सूचना पर सभी लोग एकत्र हो गए थे। तभी इमरान के छह वर्षीय पुत्र विहान ने परिजनों को बताया कि पापा को मम्मी और समीर ने मारा है। पुलिस ने बच्चे से अलग में बात कर विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रख जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इमरान की मौत का कारण पसली टूटने से अंदरुनी चोट के कारण खून रिसना पता चला।
मेडिकल रिपोर्ट एक होना बना बड़ा सबूत
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गौरव नागर ने बताया इमरान के पुत्र विहान ने न्यायालय में गवाही में जो बातें बताई उससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मेल खाया। दोनों साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश ने निर्णय सुनाया। मृतक इमरान पैरों से दिव्यांग था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गौरव नागर ने बताया पीड़ित की तहरीर पर बाबूगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।




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