UP: FIR to be lodged on 24 gram panchayat secretaries for allegedly embezzling lakhs of rupees in name of development यूपी में 24 ग्राम पंचायत के सचिवों पर होगी FIR, विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए खेल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में 24 ग्राम पंचायत के सचिवों पर होगी FIR, विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए खेल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए लाखों रुपये के सरकारी धन में खेल का मामला सामने आया है। इन सभी 24 ग्राम पंचायत सचिवों पर एफआईआर दर्ज होगी।

Thu, 30 April 2026 06:40 PMDeep Pandey लखनऊ, हिन्दुस्तान
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यूपी में 24 ग्राम पंचायत के सचिवों पर होगी FIR, विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए खेल

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनपद की 24 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए लाखों रुपये के सरकारी धन के गोलमाल का मामला सामने आया है। वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान कराए गए कार्यों का हिसाब न दे पाने और ऑडिट में पकड़ी गई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) जितेंद्र गोंड ने संबंधित विकास खंडों के एडीओ पंचायत को इन पंचायतों के तत्कालीन पंचायत सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन सभी 24 ग्राम पंचायत सचिवों पर एफआईआर दर्ज होगी।

डीपीआरओ के अनुसार अभी ऑडिट की प्रक्रिया चल रही है। ग्राम पंचायतों में कराये गए कार्य और भुगतान के बिल व वाउचर नहीं मिले। डीपीआरओ जितेंद्र गोंड ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग पर जीरो टॉलरेंस की नीति है, कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं होगी। डीएम की अनुमति के बाद अब इन 24 पंचायतों के जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विकास कार्यों में मिली गड़बड़ी

डीपीआरओ के अनुसार गोसाईंगंज की रतियामऊ पंचायत में वर्ष 2019-20 के दौरान 22.94 लाख रुपये के कार्यों में हेराफेरी पकड़ी गई। माल विकासखंड के रहटा में वर्ष 2019-20 में 20.40 लाख, नारायणपुर में वर्ष 2018-19 व 2019-20 के दौरान 43.72 लाख और सैदापुर में हुए निर्माण कार्यों में बड़ी गड़बड़ियां मिलीं। इसी तरह बीकेटी विकासखंड की गोधना पंचायत में 2018-19 के दौरान 27.87 लाख और 2019-20 में 70 हजार रुपये और सरसवां पंचायत में 2018-19 के दौरान करीब 15 लाख रुपये के कार्यों का कोई ब्योरा नहीं मिला।

सात साल बाद पकड़ में आया हेरफेर

करीब सात साल पहले हुए इन कार्यों का सच अब ऑडिट टीम की जांच में सामने आया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित पंचायतों में विकास कार्यों के लिए सरकारी धन का उपयोग तो कर लिया गया, लेकिन जब ऑडिट टीम ने दस्तावेजों और कार्यों की भौतिक स्थिति का ब्योरा मांगा, तो सचिव कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जांच अभी जारी है।

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लखीमपुर में 6 पंचायत सचिवों पर ऐक्शन

वहीं लखीमपुर में मनरेगा में कार्य न होने के बावजूद भुगतान का मामला प्रकाश में आने पर परियोजना निदेशक ने 2 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर अभिलेखों समेत तलब किया गया। इसके साथी मल्टी सेक्टोरेल डेवलपमेंट योजना के तहत आवास निर्माण पूरा न कराने और शौचालय निर्माण अधूरा होने पर 3 ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी किया है। रोजगार सेवक की नियुक्ति में लापरवाही पर एक पंचायत सचिव का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

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