यूपी के इस शहर में तीन दिन में गटक गए 36 करोड़ की शराब, होली पर भांग के लिए रही भीड़
यूपी के आगरा जिले में इस साल होली पर पिछले वर्ष की अपेक्षा 25 फीसदी ज्यादा शराब बिकी। तीन दिनों में 36 करोड़ की शराब पी गई। अंग्रेजी शराब और बीयर की 65 तथा देशी शराब की 35 फीसदी बिक्री हुई।

यूपी के आगरा जिले में इस साल होली पर पिछले वर्ष की अपेक्षा 25 फीसदी ज्यादा शराब बिकी। तीन दिनों में 36 करोड़ की शराब पी गई। अंग्रेजी शराब और बीयर की 65 तथा देशी शराब की 35 फीसदी बिक्री हुई। आम दिनों में जिले में चार करोड़ की शराब बिक जाती है, लेकिन होली के अवसर पर दो और तीन मार्च को सबसे ज्यादा शराब बिकी। दो मार्च को 12 करोड़, तीन मार्च को 22 करोड़ और होली के दिन चार मार्च को सुबह से बंद रहीं शाम पांच बजे के बाद खुली दुकानों से दो करोड़ रुपये की बिक्री हुई।
शहरी क्षेत्रों में अंग्रेजी शराब सबसे ज्यादा शराब बिकी। ग्रामीण क्षेत्रों में देशी शराब की सबसे ज्यादा बिक्री हुई। जिला आबकारी अधिकारी केपी यादव ने बताया कि जिला अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर पुलिस और आबकारी विभाग की 13 टीमें ने जिलेभर में अभियान चलाकर अवैध शराब की बिक्री नहीं होने दी। ढाबों को भी चेक किया गया। जिले में कंपोजिट शॉप- 266, देसी शराब की दुकानें- 338, मॉडल शॉप -24, प्रीमियर रिटेल शॉप की 8 की दुकानें हैं, जहां पर जमकर शराब की खरीद हुई।
भांग की दुकानों पर भीड़
होली के अवसर पर शहर में भांग की दुकानों पर भी जमकर बिक्री हुई। खंदारी, बेलनगंज समेत एक दर्जन से अधिक अधिकृत भांग के ठेकों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रंग खेलने से पहले और बाद में लोगों ने भांग की ठंडाई और गोले का आनंद लिया। दुकानदारों के अनुसार होली के दिन सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बिक्री हुई।
खाली हो गए गुझिया के थाल, पेठे का भी जोर
रंगों का पर्व मिठाइयों के कारोबार के लिए खुशी लेकर आया। बाजार में बिकने वाली गुझिया को लोगों का भरपूर स्नेह मिला। जाने माने ब्रांड की दुकानों पर बुधवार दोपहर तक थाल खाली हो गए। इस दौरान काजू से तैयार मिठाइयों की बिक्री भी रही। छैने की मिठास का जादू चला। सदाबहार पेठा भी लोगों की पसंद की सूची में शामिल रहा।
एक विक्रेता ने बताया कि होली पर उम्मीद के अनुसार बिक्री मिली। यह सिलसिला पूरे छह दिन तक चला। शनिवार से लेकर गुरुवार तक जाने माने ब्रांड के विक्रेताओं के साथ ही बगैर नाम के उत्पाद बेचने वाले हलवाइयों के यहां ग्राहकों की आमद बनी रही। जो गुझिया बमुश्किल बिकती थी, इस बार पूरा स्टॉक समाप्त हो गया।
जाने माने ब्रांड के विक्रेता ने बताया कि उनके यहां काजू कतली की मांग बंपर रही। काजू के अन्य आइटम भी अपेक्षा के अनुसार बिके। बादाम एवं पिस्ते की मिठाइयों को खरीदार मिले। मौसम को देखते हुए छैने की मिठाइयों के विभिन्न स्वरूप की बिक्री दुकान को मिली। राजभोग, रसमलाई, छैने का रसगुल्ला आदि उत्पाद अच्छी तादाद में खरीदे गए।
पेठे की रही जबरदस्त मांग
छह दिन की अवधि में पेठे की अच्छी बिक्री रही। एमजी रोड से लेकर नूरी दरवाजा तक दुकानों पर भीड़ रही। कारोबारी ने बताया कि चॉकलेट पेठे की मांग पहले की तरह कायम रही। केसर एवं अंगूरी पेठे की रेंज को भी खरीदार मिले। दालमोंठ व अन्य नमकीनों को भी बड़ी तादाद में पैक कराया गया। त्योहार पर कुल 20 करोड़ रुपये की मिठाई बिकी है।




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