यूपी बोर्ड पेपर लीक का दावा करने वाले चार यूट्यूबर फंसे, नकल के लिए सेटिंग का वीडियो भी वायरल
यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक की अफवाह फैलाने वाले 4 यूट्यूब चैनलों पर प्रयागराज में केस दर्ज किया गया है। वहीं आगरा में छात्र की जगह दूसरे को बैठाने के लिए सेटिंग का वीडियो वायरल हो रहा है।

UP Board Exam: यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर यूट्यूब पर भ्रामक खबर और वीडियो वायरल करने के आरोप में प्रयागराज में चार यूट्यूबरों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इनके चैनलों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र लीक होने का दावा कर अफवाह फैलाई गई। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। वहीं, आगरा में पैसे लेकर नकल कराने की सेटिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यूट्यूब चैनलों के संचालकों की पहचान कर उन्हें ट्रेस करने में जुटी है। तहरीर में कहा गया है कि कुछ यूट्यूब चैनलों ने बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की भ्रामक खबर और वीडियो प्रसारित किए। इससे न केवल परीक्षार्थियों व अभिभावकों में दहशत और भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की छवि भी धूमिल करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने जिन यूट्यूब चैनलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें ‘टारगेट बोर्ड आर्ट्स क्लास’, ‘ऑनलाइन स्टडी विथ दीवाकर सर’, ‘सम्राट एकेडमी’ और ‘साइंस की पढ़ाई’ शामिल है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चैनलों को संचालित करने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नकल के लिए सेटिंग कराने का वीडियो वायरल
वहीं, आगरा में शमसाबाद के एक विद्यालय में नकल माफिया का बोर्ड परीक्षा में दूसरे छात्र को परीक्षा दिलवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें विद्यालय संचालक के पास दो युवक आते हैं और कहते हैं कि हमारे रिश्तेदार का बेटा पेपर दे रहा है। उसकी जगह दूसरे बच्चों को बिठाना है। इस पर संचालक पहले तो मना करता है, लेकिन फिर मान जाता है कि आपका काम हो जाएगा। जब उन्होंने दोबारा पूछा कि आप हमें बताइए कैसे होगा तो वीडियो में कहता हुआ दिख रहा है कि जिस बच्चे को बिठाना है उसका प्रवेश पत्र चाहिए और जो बच्चा परीक्षा दे रहा है उसके आधार कार्ड को हम बदलवा देंगे। जिससे दूसरा बच्चा परीक्षा दे सकेगा। जब पैसों की बात हुई तो उन्होंने कहा ₹10000 दे देना।
युवकों ने कहा कि दो ही पेपर तो हैं। गरीब बच्चा है कम से काम चला लो, तो उन्होंने कहा तीन पेपर बाकी हैं। इतने ही पैसे लगेंगे। तो पूछा कि पैसे कैसे लोगे, संचालक ने कहा ऑनलाइन दे दो या कैश दे दो वीडियो में संचालक के हाथ में कुछ पैसे भी दिखाई दे रहे हैं। जिस बच्चे को परीक्षा में बैठना है उससे हमारी मुलाकात करवा दो, या उसका रोल नंबर दे दो। इस प्रकार का वीडिया वायरल हो रहा है। हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि वीडियो वायरल होने की जानकारी है। जिला विद्यालय निरीक्षक को उक्त प्रकरण के जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, संबंधित कॉलेज के परीक्षा से संबंधित ड्यूटी में बदलाव कराया है। इसके साथ ही सख्त निगरानी भी की जा रही है।




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