मामा ही निकला भांजे का किडनैपर; बहन को बेटे की हत्या की धमकी, 10 लाख की फिरौती मांगी
व्यापारी अनिल विश्वकर्मा के 10 वर्षीय बेटे हर्षित का स्कूल से लौटते समय अपहरण हो गया था। पुलिस टीम उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए रोहतक पहुंची। पुलिस ने मामा राम जी और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

बांदा के बबेरू कस्बे से दिनदहाड़े अपहृत व्यापारी के इकलौटे बेटे हर्षित को पुलिस ने शुक्रवार को हरियाणा के रोहतक से बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिरौती के लिए अपहरण बच्चे के ही सगे मामा ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर किया था। मामा ही मध्यस्थता का आश्वासन दे अपनी बहन से (बच्चे की मां) फोन पर दस लाख फिरौती की मांग कर रहा था।
कुछ पैसे आरोपी के खाते में भिजवाए
पुलिस ने रणनीति बनाकर कुछ पैसा उसके खाते में भिजवाया। इसके बाद पुलिस के शक की सुई और गहरा गई। पुलिस ने 30 घंटे के अंदर ही अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर पिता को सौंप दिया है। कलेजे के टुकड़े को पाकर पिता भावुक हो गए। पुलिस ने बताया कि हर्षित के बाबा का बीते साल रिटायरमेंट हुआ था, इसमें उन्हें 40 से 50 लाख रुपये मिले थे। इस बात की जानकारी बच्चे के मामा को थी।
स्कूल से लौटते वक्त अपहरण हुआ था
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि बबेरू के व्यापारी अनिल विश्वकर्मा के 10 वर्षीय बेटे हर्षित का गुरुवार दोपहर स्कूल से लौटते समय अपहरण हो गया था। पुलिस टीम उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए रोहतक पहुंची। पुलिस ने मामा राम जी पुत्र मदन निवासी सूपा थाना चरखारी महोबा व दो साथियों अनीस पुत्र जितेंद्र निवासी बोर गांव थाना अर्बनस्टोर सोनीपत, सुमित पुत्र राम नाथ निवासी सेक्टर 4 रोहतक थाना अर्बन स्टेट रोहतक को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
पीड़ित परिवार से मिलीं सपा सांसद कृष्णा पटेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी मामा रामजी आनलाइन गेमिंग से वह दस लाख मांग रहा ताकि वह पकड़ में न आ सके। हालांकि पूरे मामले में पुलिस की कार्ययोजना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने बच्चे की सकुशल बरामदी के लिए कुछ पैसे स्कैनर के माध्यम से आनलाइन भेजे। बाकि रुपये जल्द भेजने की बात कही। वहीं इसी दौरान हर्षित के घर पर सपा सांसद कृष्णा पटेल ने परिजनों को ढांढस बंधाया कि बच्चा जल्द मिल जाएगा।
इस तरह से आरोपियों को पकड़ा था
पुलिस टीम लोकेशन के आधार पर होटल पहुंची। जहां पर जिस नंबर की गाड़ी सूचना थी वह वहां पर खड़ी मिली। इसके बाद पुलिस ने अंदर जाकर मैनेजर को फोटो दिखाकर बच्चे की पहचान कराई। मैनेजर ने बताया कि तीन लोग है। बच्चे के साथ है। एक व्यक्ति सिगरेट पीने बाहर गया था। इसके बाद जैसे ही सिगरेट पीकर एक आरोपी आया तो मैनेजर के इशारे पर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे ही साथ लेकर गए और उसके द्वारा ही होटल का दरवाजा खुलवाया।दरवाजा खुलते ही पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और बच्चे को बरामद किया।
नाम राम जी करतूत रावण जैसी
हर्षित के मामा नाम भले भी राम जी था लेकिन काम उसका रावण जैसा था। वह मुरवल के रास्ते बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर ढाई बजे निकला 2.30 बजे टोल चढ़ा थ। रामजी इतना शातिर था कि जिस गाड़ी से गया था उसमें दूसरी गाड़ी फास्टैग लगा था। इसके बाद पुलिस एक्सप्रेस वे के टोल से टाइमिंग के अनुसार 24 गाड़ियों को चिंहित किया। इसके बाद सभी को चिहिंत कर फालो किया। आगरा जाने तक पुलिस ने चार से पांच गाड़ियां और नंबर शार्ट लिस्ट कर लिए थे। आखिर वह किस ओर रूख करे कि उन्हे आरोपी पकड़ में आ जाए।
सुबह दस बजे से पुलिस ने घर पर जमाया था डेरा
हरियाणा गई टीमों की एसपी पलाश बंसल व एएसपी शिवराज पल पल मानीटर कर रहे थे। सुबह दस बजे से सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी हर्षित के घर पर मां के फोन पर आने वाले संदेशों को वाच कर रहे थे। घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया गया था। शाम करीब 6.15 जब बच्चा बरामद हुआ तो टीम ने वीडियो काल से बात कराई तो हर्षित के मां के आंसू छलक उठे। कहा कि कैसा बिटवा तू। जिस पर हर्षित ने मुस्कराकर कहा कि मां मै ठीक हूं। मुझे पापा मिल गए हैं।
पुलिस ने पैसे भिजवाकर मंगवाया था बच्चे का वीडियो
आरोपी मामा रामजी पूरे मामले को बड़े ही चालाक ढंग से अंजाम दे रहा था। उसने जनपद से जाने के बाद अपना मोबाइल नंबर बंद कर रखा था। वह सिर्फ आनलाइन व्हाट्एप और टेलीग्राम चला रहा था। व्हाट्स के माध्यम से फिरौती मांगी थी। जिससे कुछ पैसा ट्रांसफर होने पर परिजनों ने बच्चे का वीडियो मांगा था कि पैसा और भेज रहे हैं। वहां से वीडियो भेजा गया जिसमें दीवार पर पेटिंग थी और बेड पर सफेद चादर थी। उसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने पुष्टता की थी बच्चा किसी होटल में ठहरा है।




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