रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी किडनैपिंग केस में 5 महीने बाद पुलिस फिर ऐक्टिव, अब हुआ ये ऐक्शन
एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी और गोरखपुर में आयुष्मान हॉस्पिटल के संचालक और डॉक्टर सुषमा जायसवाल के पति अशोक का 25 जुलाई की सुबह बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने उनकी पत्नी से फिरौती मांगी थी। सूचना पर पुलिस ने 15 घंटे के अंदर अशोक जायसवाल को बरामद कर तीन अपहर्ताओं को पकड़ लिया था।

यूपी के गोरखपुर में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल अपहरणकांड में पांच महीने बाद पुलिस फिर ऐक्शन मोड में है। इस कांड में शामिल दस आरोपितों के खिलाफ शाहपुर पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज किया है। इससे पहले सभी पर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। वर्तमान में सभी जेल में बंद हैं। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद इनकी सम्पत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है उसे जब्त करने की भी तैयारी है।
एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी और आयुष्मान हॉस्पिटल के संचालक और डॉक्टर सुषमा जायसवाल के पति अशोक का 25 जुलाई की सुबह बदमाशों ने रेलवे स्टेडियम जाते समय कौआबाग अंडरपास से अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने उनकी पत्नी से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। सूचना पर पुलिस ने 15 घंटे के अंदर अशोक जायसवाल को बरामद कर तीन अपहर्ताओं को पकड़ लिया था। इनसे पूछताछ में चार और बदमाशों का नाम सामने आए थे। जिसमें एक कमालुद्दीन ने पुराने केस में रायबरेली में सरेंडर कर दिया तथा अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कमालुद्दीन को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो 3 साजिशकर्ता का नाम आया। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। इन पर अब गैंगस्टर का केस किया गया है। इसमें गैंग का सरगना करुणेश को बनाया गया है।
सहयोगियों ने रची थी साजिश
अशोक जायसवाल के अपहरण की साजिश रचने में उनका करीबी सराफा प्रदीप सोनी शामिल था। उसने दो साथियों देवेश मणि त्रिपाठी उर्फ तरूण और इन्द्रेश तिवारी उर्फ मोनू के साथ पूरी योजना बनाई थी। मोनू ने करुणेश और कमालुद्दीन व अन्य को यह काम सौंपा था। प्रदीप सोनी ने व्यापार के नाम पर अशोक से 5 लाख रुपये उधार लिए थे और उनके मकान में सोने-चांदी की एक दुकान खोली थी। जेल बाईपास रोड पर फ्लाइओवर निर्माण के दौरान दुकान टूट गई। इससे उसे काफी नुकसान हुआ और अशोक का कर्जदार भी हो गया था। प्रदीप के पास ही अशोक के घर और हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरे का एक्सेस था। उसे पता था कि अशोक घर में कैश रखते हैं और अपहरण कर धमकाने पर पैसा दे देंगे।
इन पर हुई गैंगस्टर की कार्रवाई
-करुणेश कुमार दुबे निवासी चौतरा पट्टी पो० शंकरपुर थाना बेलघाट (गैंग लीडर)।
-श्यामसुंदर उर्फ गुड्डू यादव निवासी ढेबरा बुजुर्ग थाना सिकरीगंज।
-कमालू पुत्र शहंशाह निवासी जद्द पट्टी थाना सिकरीगंज।
-जनार्दन गौंड निवासी बलुआ उर्फ बकसुड थाना सिकरीगंज।
-प्रीतम कुमार निवासी ढेबरा थाना सिकरीगंज।
-अंकित तिवारी उर्फ शेरू निवासी कोटिया बिसुनी थाना सिकरीगंज।
-अंशुमान त्रिपाठी उर्फ अंश निवासी कोटिया बिसुनी थाना सिकरीगंज।
-प्रदीप सोनी उर्फ पिन्टू निवासी बस्ती आवास विकास कॉलोनी थाना कोतवाली बस्ती हाल पता मोहनापुर नाई टोला थाना शाहपुर।
-देवेश मणि त्रिपाठी उर्फ तरूण निवासी बुद्ध बिहार पार्ट सी थाना रामगढताल।
-इन्देश तिवारी उर्फ मोनू निवासी अघोर पीठ अमरूद मण्डी थाना राजघाट।




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