मेरठ में शराब पीने से 3 लोगों की मौत; पुलिस ने ठेका सील कराया, सेल्समैन से पूछताछ
डीएम डॉ वीके सिंह ने बताया कि ठेके से शराब की खरीद 200 से अधिक लोगों ने की, जबकि शराब पीने से तीन की मौत हुई है। किसी अन्य के बीमार होने की कोई सूचना नहीं है। ऐसे में जहरीली शराब से मौत की घटना जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

मेरठ के दौराला नगर पंचायत में शुक्रवार शाम शराब पीने से तीन लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। तीनों ने सरधना रोड स्थित एक शराब के ठेके से शराब खरीदी थी, जिसे पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासनिक अफसर मौके पर दौड़े और ठेके को बंद कराकर सेल्मैन को हिरासत में ले लिया। वहीं डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। जहरीली शराब जैसी बात नहीं है। ठेके से 200 से अधिक लोगों ने शराब खरीदी है। ऐसे में केवल तीन की मौत होना संदेह उत्पन्न करता है।
शराब पीने से तीनों की मौत
दौराला के वार्ड नंबर 7 निवासी बाबूराम प्रजापति का सरसों के तेल का कोल्हू (स्पेलर) है। वहां वार्ड नंबर 12 निवासी जितेंद्र कश्यप (45 वर्ष) नौकरी करता था। इसी दौरान वार्ड नंबर 14 निवासी अंकित उर्फ दौलत भी कोल्हू पर तेल लेने के लिए आया था। तीनों ने मिलकर सरधना रोड स्थित ठेके से लाई गई शराब पी। कुछ ही देर बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। बाबूराम के बेटे सोनू ने तीनों को आर्यावर्त अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई।
पुलिस ने ठेका बंद कराया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, आदि दौराला पहुंच गए। जिस शराब ठेके से शराब खरीदी गई थी, उसे पुलिस ने तत्काल बंद करा दिया है। ठेके के सेल्समैन को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दौराला में शराब पीने से तीन लोगों की मौत की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। , एडीजी भानु भास्कर, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर, सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम और थाना पुलिस को सख्त कार्रवाही के निर्देश दिए।
बहन का एकमात्र सहारा था अंकित
मृतक अंकित उर्फ दौलत अपनी बहन का एकमात्र सहारा था। माता-पिता की मौत के बाद दोनों एक साथ रहते थे। अंकित मजदूरी करता था। मृतक की मौत से बहन का रो-रो कर बुरा हाल है। लोगों में चर्चा रही कि कुछ लोग ठेका खुलने से पहले और ठेका बंद होने के बाद भी अवैध रूप से शराब बेचते हैं।
200 से ज्यादा लोगों ने ठेके से शराब ली थी
डीएम डॉ वीके सिंह ने कहा कि ठेके से शराब की खरीद 200 से अधिक लोगों ने की, जबकि शराब पीने से तीन की मौत हुई है। किसी अन्य के बीमार होने की कोई सूचना नहीं है। ऐसे में जहरीली शराब से मौत की घटना जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
अवैध शराब को लेकर लोगों में रोष
एक साथ तीन मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में अवैध और मिलावटी शराब की बिक्री को लेकर भारी रोष व्याप्त है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त जांच के आदेश दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि ठेके की शराब मिलावटी होने के कारण यह घटना हुई है।




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