यूपी के 100 ब्लॉकों में होने जा रहा यह काम, कार्यक्रम के आगाज पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य क्या बोले?
उत्तर प्रदेश के100 विकास खण्डों( ब्लॉकों) में स्थापित किये जा रहे महिला शक्ति केन्दों का सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर शुभारम्भ किया। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मिशन शक्ति की तर्ज पर विकास खण्ड स्तर पर महिला शक्ति केन्द्र संचालित होगे।

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व अन्य सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के 100 विकास खण्डों में स्थापित किये जा रहे महिला शक्ति केन्दों का सोमवार को गोमतीनगर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर शुभारम्भ किया। प्रथम चरण में प्रदेश में 100 महिला शक्ति केन्द्र संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की तर्ज पर विकास खण्ड स्तर पर महिला शक्ति केन्द्र संचालित होगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला शक्ति केंद्र के ‘लोगो’ का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्त केंद्र के ‘डैसबोर्ड’ का भी उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्यक्रम है, और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 100 विकास खण्डों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इसको हमें हर हाल में सफल बनाना है। महिला शक्ति केन्द्र की स्थापना कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने लैंगिक समानता को अपने कार्य का अभिन्न अंग बनाते हुए महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए जेंडर रिसोर्स सेंटर बनाने की पहल की है। यह पहल सतत विकास लक्ष्यों, लैंगिक समानता और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश को वर्ष 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने तथा ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की सक्रिय और बढ़ती भागीदारी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिला शक्ति केन्द्र के संचालन के लिए विकास खण्ड स्तर पर एक महिला शक्ति केन्द्र का एक कार्यालय (विकास खंड में यदि विकास खण्ड में उचित स्थान न हो तो किराये पर) कम से कम 200 वर्ग फीट के कमरे में स्थापित किया जाएगा। इसकी स्थापना के लिए प्रति केन्द्र रु1.5 लाख रुपये से (कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, कुर्सी मेज, आलमारी, नोटिस बोर्ड आदि के कय किए जाएंगे। साथ ही कार्यालय किराया, बिजली, पानी, वार्षिक रख-रखाव, स्टेशनरी आदि तथा आपातकालीन पीड़ितों की सहायता के लिए प्रति वर्ष रु 116000/- की राशि का आवंटन किया गया है। महिला शक्ति केन्द्र का संचालन संकुल संघ द्वारा चयनित दो से तीन दीदी द्वारा किया जाएगा ।
इस अवसर पर राज्यमन्त्री ग्राम्य विकास विभाग विजय लक्ष्मी गौतम द्वारा महिला उत्थान व सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपर मख्य सचिव महिला एवं बाल विकास लीना जौहरी, प्रमख सचिव पंचायती राज एव ग्राम्य विकास अनिल कमार व मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने विचार व्यक्त किए। आयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी, विशेष सचिव गृह विभाग मंजुलता भी उपस्थित रहीं।




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