लिपिक की प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा 16 लाख रुपये घूस लेने का आरोप
देवरिया में एक शिक्षक ने शनिवार को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और 16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।

यूपी के देवरिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शिक्षक ने शनिवार की सुबह फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और 16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। उधर, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से कुशीनगर के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया गांव के रहने वाले 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में शिक्षक थे। वह शिवपुर सहबाजगंज में बड़े भाई अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार शिक्षक ने नौकरी के नाम पर पत्नी के गहने बेचकर और बैंक से कर्ज लेकर रुपये दिए थे। आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया में संबंधित बाबू ने उन्हें बुलाकर रुपये को लेकर अपमानित किया था, जिससे वह मानसिक रूप से आहत थे।
16 लाख देने पर भी नहीं हुआ वेतन का भुगतान
कृषक लघु माध्यमिक स्कूल मदरसन में 2016 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनका वेतन 2022 में बाधित कर दिया गया था। इसमें कृष्ण मोहन भी शामिल थे। हाईकोर्ट ने वेतन भुगतान का आदेश दिया था। कृष्णमोहन के पास से मिले सुसाइड नोट के अनुसार बीएसए कार्यालय के एक बाबू ने 20 लाख रुपये मांगे। उसने कर्ज लेकर 16 लाख रुपये दिए। इसके बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया।
पत्नी-बच्चों के लिए जीना चाहता था…
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित चार पेज के सुसाइड नोट में देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के एक बाबू पर 48 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि वह मरना नहीं चाहते थे। पत्नी और बच्चों के लिए जीना चाहते थे। लेकिन उन्हें मरने के लिए मजबूर कर दिया गया। सुसाइड नोट में उनके अलावा दो अन्य शिक्षकों से भी 16-16 लाख रुपये लिए जाने का जिक्र किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
सुसाइड नोट के अनुसार तीनों शिक्षक कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, गौरी बाजार में कार्यरत थे। वर्ष 2021 में नियुक्ति संबंधी जांच के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और मामला हाईकोर्ट तक लंबित रहा। आरोप है कि बाद में बीएसए कार्यालय के बाबू ने मामले में राहत दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 16 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया।
नोट में लिखा है कि 27 जुलाई को देवरिया में बीएसए कार्यालय के पास पौधशाला के निकट घूस की पहली किस्त दी गई। शेष रकम अलग-अलग तिथियों में दी गई। आरोप है कि रुपये की व्यवस्था करने के लिए पत्नी के गहने गिरवी रखे गए, जमीन रेहन रखी गई और बैंक से कर्ज लिया गया। कृष्ण मोहन सिंह ने 17 नवंबर को बैंक शाखा पादरी बाजार से सात लाख रुपये निकालने का भी उल्लेख किया है। शिक्षक ने अपने पूर्व प्रधानाध्यापक पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने बीएसए कार्यालय में संपर्क कराया।
अपमान और कर्ज के बोझ से टूट चुके थे कृष्ण मोहन
शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि कर्ज के बोझ और अपमान से वह टूट चुके थे। उनकी आत्महत्या के जिम्मेदार संबंधित अधिकारी हैं। शुक्रवार को मुझे बीएसए ऑफिस बुलाकर जलील किया गया है, जिसे मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और मैं आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। उन्होंने अपने परिवार को परेशान न करने की अपील करते हुए अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भईया... मेरे परिवार का ध्यान रखना
मैं जीना चाहता था लेकिन इन लोगों ने ऐसी परिस्थिति बना दी है कि अब जान दे रहा हूं। भईया मुझे माफ करना, मैं अपनी पत्नी और दोनों बच्चों का भी गुनहगार हूं उनका ध्यान रखना। बेटी आस्था के नाम से हाटा एसबीआई ब्रांच में सुकन्या समृद्धि खाता है जिसमें तीन-चार लाख रुपये हैं, वहां हमारे नाम से 2-3 पालिसियां भी हैं। आप सभी लोग मुझे माफ कर दीजिएगा।




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