हत्या का बदला लेने के लिए दिनदहाड़े युवक पर बरसाई थी गोलियां, 17 साल बाद 13 दोषियों को उम्रकैद
फतेहपुर में 17 साल पहले हत्या का बदला लेने के लिए दिनदहाड़े नफीस को मौत के घाट उतारने वाले चार सगे भाइयों समेत 13 लोगों उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पूजा विश्वकर्मा की अदालत ने सजा के साथ-साथ सभी दोषियों पर 32-32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यूपी के फतेहपुर में हत्या का बदला लेने के लिए 17 साल पहले हथगाम थाने के पट्टी शाह इलाके में दिनदहाड़े नफीस को मौत के घाट उतारने वाले चार सगे भाइयों समेत 13 लोगों को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट-2 पूजा विश्वकर्मा की अदालत ने सजा के साथ-साथ सभी दोषियों पर 32-32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता देवेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पट्टी शाह में 24 नवंबर 2009 को मोहर्रम की सातवीं पर अलम का जुलूस निकल रहा था। शरीफ सेठ अपने भाई नफीस के साथ दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान करीब डेढ़ दर्जन हथियारबंद लोगों ने दोनों पर ताबाड़तोड़ फायरिंग कर दी। नाजुक हालत में घायल भाइयों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने नफीस को मृत घोषित करते हुए शरीफ को कानपुर रेफर कर दिया। नफीस की पत्नी साजदा बेगम ने सगे भाई मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां, शाहिद रजा, सलमान, सिकंदर, सीमाब नकबी, मोबीन, मसरूर, गय्यूर, मोईन जैदी, असगर, रुकनद्दीन, बासू उर्फ फरहान अब्बास नकवी, मो. हई, रमेश चंद्र, सगीर, अमीन, तेग अली, चंद्रभूषण समेत 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए सभी के खिलाफ साक्ष्य समेत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां, अमीन, तेग अली, सगीर, चंद्रभूषण और नसीम की मौत हो गई, जबकि अख्तर की पत्रावली अलग कर दी गई। वादिनी समेत 12 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष से प्रमिल श्रीवास्तव व बचाव पक्ष के वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं। प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर शुक्रवार को कोर्ट ने शाहिद रजा, सलमान, सिकंदर, सीमाब नकवी, मोबीन, मसरूर, गय्यूर, मोईन जैदी, असगर, रुकनद्दीन, बासू उर्फ फरहान, मो. हई और रमेश चंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
हत्या के बदले हत्या
साल 2008 में मोहर्रम की सातवीं के दिन जमीन की रंजिश में मजहर हैदर नकवी के बेटे रियाज अतहर समेत दो लोगों की हत्या हुई थी। इसमें शरीफ सेठ और उनके भाई नफीस समेत एक दर्जन लोग नामजद थे। ठीक एक साल बाद 2009 को मोहर्रम की सातवीं पर हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों भाइयों शरीफ सेठ और नफीस पर हमला बोला था। इसमें नफीस की मौत हो गई थी जबकि शरीफ गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। कई दिनों तक वह कानपुर में भर्ती भी रहे।




साइन इन