यूपी में आंधी-बारिश ने बरपाया कहर; सात लोगों की मौत, खंभे-पेड़ धराशायी, फसलें भी चौपट हुईं
यूपी के कई जिलों में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। हवा के साथ तेज बारिश ने तापमान गिराया। वहीं, आकाशीय बिजली की चपेट में आने और दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई।

UP Weather Update: शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ से यूपी के कई जिलों में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। हवा के साथ तेज बारिश ने तापमान गिराया। वहीं, आकाशीय बिजली की चपेट में आने और दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए। मुरादाबाद मंडल के अमरोहा में दो मौतें हुई हैं। गजाना-बागड़पुर गांव में खेत में काम कर रहे 4 मजदूरों पर बिजली गिरी। इसमें धर्मेंद्र उर्फ कलुआ 46 वर्ष और नरेश 32 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई।
वाराणसी के मिर्जापुर और जौनपुर में एक-एक किसान की मौतें हुई हैं। बलरामपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की जान चली गई। बहराइच में खेत में काम कर रहे एक युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। श्रावस्ती में गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक अधेड़ की जान चली गई।
42 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा
सुलतानपुर में तीन लोग बिजली की चपेट में आकर झुलस गए हैं, वहीं सीतापुर और बाराबंकी में दीवार गिरने और बिजली के तार की चपेट में आने से लोग जख्मी हुए हैं। हवा की गति कई जगह 42 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। इससे बिजली के खंभे और पेड़ धराशायी हो गए। बागपत के 65 गांव रात भर अंधेरे में डूबे रहे, वहीं बुलंदशहर में 12 घंटे तक आपूर्ति ठप रही। खराब मौसम के कारण वेस्ट यूपी की कई शुगर मिलों में गन्ने की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
गिरे तापमान की वजह से शाम को हुई सिहरन
अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते ज्यादातर जिलों में तापमान नीचे आ गया। आगरा में कानपुर और आगरा के अधिकतम तापमान में 12.2 डिग्री की रिकॉर्ड गिरावट आई। यहां अधिकतम तापमान 23 डिग्री पर सिमट गया। लखनऊ में अधिकतम पारा सामान्य से 10.3 डिग्री नीचे गिरकर 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। मेरठ में पारा सामान्य से 11 डिग्री नीचे लुढ़का, यहां 16.6 मिमी बारिश हुई। बहराइच में 15 और बहराइच में 18 मिमी बारिश हुई।
तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों पर असर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवा के कारण तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने की आशंका है। सिद्धार्थनगर और गोण्डा में ओलों ने गेहूं को भारी नुकसान पहुंचाया है। गीली मिट्टी के कारण आलू की खुदाई रुक गई है और खेतों में पड़ा आलू सड़ने का डर है। सरसों की फलियां झड़ गई हैं। मलिहाबाद और सूबे के पश्चिजी जिलों में आम के बौर को नुकसान पहुंचा है। बरेली मंडल में दलहनी फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की सूचना है।




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