यूपी में आंधी-बारिश से तबाही जारी, कहीं गिरी छत तो कहीं पेड़, 9 की मौत, 50 जिलों को लेकर फिर अलर्ट
यूपी से गुजर रहा पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने की बजाए ठहर गया। नतीजतन शाम तक कई जिलों में बादलों की परत गहरा गई। शनिवार को तबाही मचाने के बाद आंधी-बारिश ने रविवार को एक बार फिर कहर बरपाया।

UP Weather: यूपी से गुजर रहा पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने की बजाए ठहर गया। नतीजतन शाम तक कई जिलों में बादलों की परत गहरा गई। शनिवार को तबाही मचाने के बाद आंधी-बारिश ने रविवार को एक बार फिर कहर बरपाया। कई जिलों में आंधी-बारिश के कारण हुए हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई। फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई और रेल-विमान संचालन पर भी असर पड़ा। अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय ने लखनऊ समेत 50 जिलों में तेज हवा के साथ बौछार और बिजली गिरने की आशंका का अलर्ट जारी किया है। कानपुर शहर और कानपुर देहात में सोमवार की सुबह तक ओले गिरने का ऑरेन्ज अलर्ट है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा जनित हादसों में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बुंदेलखंड के ललितपुर और हमीरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि उरई में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। ब्रज क्षेत्र के मैनपुरी में पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हुई, वहीं फिरोजाबाद में आंधी के दौरान छत से गिरकर एक व्यक्ति की जान चली गई। रायबरेली में तेज हवा से गिरे पेड़-पोल की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई वहीं सिद्धार्थनगर में झहराव पुल के पास आंधी में बेकाबू बोलेरो नहर में गिरने से मां-बेटे की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए। लखीमपुर खीरी में कार पर पेड़ गिरने और पोल्ट्री फार्म ढहने से चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बीच रास्ते से वापस लौटी ट्रेन
खराब मौसम की वजह से कानपुर में 98 ट्रेनें फंसी रहीं और 112 ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। लगभग 3200 यात्रियों ने अपने टिकट रद्द कराए। मंधना में बिजली गुल होने के कारण कासगंज एक्सप्रेस को 30 साल में पहली बार बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। फर्रुखाबाद रूट करीब साढ़े सात घंटे तक ठप रहा।
फसलों को भारी नुकसान
मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर सहित पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि ने गेहूं की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से काली पड़ने का डर है। एटा, मैनपुरी और फिरोजाबाद में ओलों की बौछार से गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई है। पूर्वांचल की बात करें तो गोरखपुर-बस्ती मंडल में आंधी ने आम की फसल को नुकसान पहुंचाया है और कटी हुई फसल खेतों में बिखर गई है।
अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव, नेटवर्क ठप
आंधी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल मैनपुरी में पिछले तीन दिनों में 555 बिजली के पोल गिर गए, जिससे विभाग को 45 लाख का नुकसान हुआ है। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में मोबाइल टॉवर पर बिजली गिरने से नेटवर्क गायब हो गया। ग्रामीण इलाकों में पेड़ और टिनशेड गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है।
सबसे ज्यादा इटावा में बरसे बादल
बीते 24 घंटों के दौरान इटावा में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश की वजह से इटावा का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री गिरकर 31.2 पर आ गया। वहीं, अलीगढ़ में 6.4 मिमी बारिश हुई, जिससे वहां पारा सामान्य से 4.1 डिग्री नीचे चला गया। मेरठ में भी तापमान में 5.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान कानपुर में ओलावृष्टि हो सकती है। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, फतेहपुर और औरैया समेत 20 से अधिक जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। लखनऊ, अयोध्या, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली और सहारनपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। रविवार को मेरठ और नजीबाबाद में पारा 31.5° के आसपास रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था।
अभी जारी रहेगा उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार दोपहर तक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय निदेशक के अनुसार, पाकिस्तान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तर प्रदेश के निचले क्षोभमंडल पर अपना असर दिखा रहा है। 5 अप्रैल की शाम से मौसम में थोड़ी स्थिरता आएगी, लेकिन 07 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा, जिससे 9 अप्रैल तक मौसम का यह लुका-छिपी का खेल जारी रहेगा।




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