आंधी से भड़की चिंगारी; सीतापुर में खाना बनाते मां-बेटी जिंदा जले, मच गई चीख पुकार
इदुरा तीन दिन पहले अपनी बेटी फूलमती और दामाद शत्रोहन के घर मिलने आई थी, लेकिन आग की लपटों ने उनकी और बेटी की भी जान ले ली। घटना से सदरपुर के अलावा बाराबंकी के जगईपुर गांव तक मातम छाया है। इदुरा के परिजन भी सदरपुर पहुंच गए हैं। मां-बेटी की एक साथ मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

सीतापुर जिले के दरपुर के सरैया चलकापुर में शनिवार देर शाम खाना बनाते समय निकली चिंगारी से छप्पर के घर में आग लग गई। आग लगी ही थी कि तभी आंधी आ गई। जिससे आग तेजी से फैल गई। आग की लपटों के बीच मां- बेटी और पोती फंस गई। चीख पुकार सुन आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया पर आग बेकाबू हो गई। देखते ही देखते आग ने 15 और घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
अस्पताल में मां- बेटी की मौत
इस बीच शुरू हुई बारिश से किसी तरह आग बुझ गई। ग्रामीणों ने तीनों को किसी तरह बाहर निकालकर सीएचसी भेजवाया। जहां डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर विधायक आशा मौर्य, एसडीएम महमूदाबाद बालकृष्ण व राजस्व टीम मौके पर पहुंचे। अग्निकांड पीड़ितों से मुलाकात कर हर संभव सहायता किए जाने का आश्वासन दिया।
आंधी से चूल्हे की चिंगारी भड़की, छप्पर में लगी आग
चकलापुर निवासी शत्रोहन की पत्नी फूलमती (45) शनिवार देर शाम चूल्हे पर खाना बना रहीं थी। शाम करीब सात बजे अचानक आंधी आ गई। आंधी से चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर पास में बैठी सास इदुरा (65) और उनकी सात वर्षीय पोती माही झुलस गई। आग देख अफरा-तफरी मच गई। चीख पुकार सुन आसपास के लोग जुटते तब तक आग विकराल हो गई।
आसपास के लोगों ने पुलिस और दमकल को फोन कर आग बुझाना शुरू किया। कुछ देर बाद शुरू हुई बारिश से आग बुझ गई। ग्रामीणों ने किसी तरह तीनों को बहार निकालकर सीएचसी बिसवां भेजवाया। जहां डॉक्टरों ने फूलमती और इदुरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं माही की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्राथिमक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
तीन दिन पहले बेटी-दामाद से मिलने आई थी ईदुरा
बाराबंकी की इदुरा तीन दिन पहले अपनी बेटी फूलमती और दामाद सत्रोहन के घर उनसे मिलने आई थी, लेकिन आग की लपटों ने उनके साथ ही उनकी बेटी की भी जान ले ली। घटना से सदरपुर के अलावा बाराबंकी के जगईपुर गांव तक मातम छाया है। इदुरा के परिजन भी सदरपुर पहुंच गए हैं। मां-बेटी की एक साथ मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बाराबंकी के बडडूपुर थाना क्षेत्र के जगईपुर गांव निवासी 75 वर्षीय इदुरा की बेटी फूलमती सदरपुर थाना क्षेत्र के सरैंया चलाकापुर निवासी सत्रोहन को ब्याही थी।




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