यूपी: कानपुर-संभल सहित कई जिलों में बारिश के साथ गिरे ओले; इस दिन के लिए पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 05, 07 और 08 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई गई है। पूरे उत्तर प्रदेश में 08 अप्रैल को बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। किसानों को लगातार अलर्ट में रहने का सुझाव दिया गया है। समय मिलते ही वह परिपक्व फसल काट लें और साथ में सुरक्षित भी कर लें। सात अप्रैल को फिर नया विक्षोभ आ रहा है।

UP Weather : उत्तर प्रदेश में एकाएक मौसम बदल गया है। शनिवार की शाम से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। वाराणसी, गोंडा, सुल्तानपुर सहित कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। इस बीच कानपुर, संभल, मथुरा, जालौन और हाथरस में ओले भी गिरे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार एक विक्षोभ का प्रभाव अभी बना हुआ है और दूसरा विक्षोभ सात अप्रैल को दस्तक दे देगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में 05, 08 और 09 अप्रैल को बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 05, 07 और 08 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई गई है। कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में 08 अप्रैल को बारिश का यलो अलर्ट रहेगा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने आठ अप्रैल को आईएमडी ने बारिश की फिर संभावना जताई है। किसानों को लगातार अलर्ट में रहने का सुझाव दिया गया है। समय मिलते ही वह परिपक्व फसल काट लें और साथ में सुरक्षित भी कर लें। सात अप्रैल को फिर नया विक्षोभ आ रहा है जिसका प्रभाव पड़ सकता है।
कानपुर में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें तबाह, किसान मायूस
कानपुर में पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को भी रहा। शाम के समय चौबेपुर से बिठूर होते हुए आगे कटरी के कुछ इलाकों में बारिश के साथ जबर्दस्त ओले गिरे। इससे खड़ी फसलें भी तबाह हो गईं। रविवार सुबह तक 35.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जो 1972 से अब तक का एक रिकॉर्ड है। तापमान गिरने से राहत मिली। इस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने गेहूं, लाही, आम और जामुन की फसलों को प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार सात से नौ अप्रैल तक फिर बारिश की संभावना है। शहर में तो सुबह से बादलों की आवाजाही लगी रही लेकिन बिठूर और आसपास के क्षेत्र में शाम 05ः30 बजे के बाद अचानक बादलों की घेराबंदी हुई। इससे पहले कि कुछ समझ पाते गरज चमक के साथ ओलावृष्टि होने लगी। केवल ओले काफी समय तक गिरते रहे। लोगों ने दौड़-दौड़ कर किसी तरह अपनी जान बचाई। बाहर बंधे जानवर चोट खाते रहे। काफी पक्षी इसका शिकार हुए।
फसलों का भारी नुकसान
शनिवार-रविवार को हुई बारिश से कानपुर शहर और आसपास के ग्रामीण अंचल व कटरी में खेतों में पानी भर गया। बिठूर, चौबेपुर व कटरी क्षेत्र में रविवार को भी ओलावृष्टि व बारिश से खेतों में फसलें बिछ गईं। यहां तरबूज, ककड़ी, खीरा, आम, जामुन, गेहू, लाही आदि की फसलें बर्बाद हो गईं। गेहूं की कटी और लगी फसल दोनों को ही काफी नुकसान हुआ है जिससे किसान चिंतित हैं। जामुन और आम की भी फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर एक या दो बार फिर मौसम में बिगाड़ हुआ तो स्थिति प्रतिकूल हो जाएंगी। शहर के कई ग्रामीण अंचल जैसे बिल्हौर में फसलें भीगी हैं जिससे उनका काम एक दो दिन प्रभावित हो सकता है।
कानपुर में सबसे ज्यादा बारिश
अप्रैल का महीना हल्की वर्षा के लिए जाना जाता है। इस वर्ष इस माह भारी वर्षा दर्ज की गई। पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा 35.6 मिमी बारिश कानपुर में हुई। बिठूर में करीब 15 मिमी बारिश दर्ज की गई। बांदा में 26, अयोध्या में 21, लखनऊ में 17, फुरसतगंज में 16.4 और हरदोई में 11 मिमी बारिश हुई। कई अन्य जनपदों में बूंदाबांदी या दो से चार मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि अप्रैल माह में अधिक बारिश किसी करिश्मे से कम नहीं है। अप्रैल में होने वाली औसत बारिश
4.9 मिमी से 5.0 मिमी मानी गई है। 26 अप्रैल 2020 में 27.6 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बना था। 1971 में अप्रैल माह में 15 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अप्रैल 2024 में भी बारिश हुई थी लेकिन वह हल्की थी। कानपुर में पहली बार अप्रैल माह में 35.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। कानपुर में रविवार को दिन का पारा 02 डिग्री और रात का 3.8 डिग्री गिर गया। अधिकतम तापमान 36 से 34 डिग्री और न्यूनतम 20.4 से 16.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिन और रात के तापमान सामान्य से कम रहे। रविवार को बादलों की आवाजाही के बीच तेज धूप खिली। इससे नमी का अधिकतम प्रतिशत तो 87 रहा लेकिन न्यूनतम 36 हो गया।
संभल में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, अमरोहा-रामपुर में चली धूल भरी आंधी
वहीं मुरादाबाद मंडल में रविवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है। जहां संभल के कई गांवों में तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है, वहीं अमरोहा और रामपुर में धूल भरी आंधी और बादलों की आवाजाही के चलते पककर खड़ी गेहूं व सरसों की फसल पर संकट गहरा गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
रविवार सुबह संभल में मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। बहजोई क्षेत्र के गांव भवन, किसौली, सिंहपुर समेत करीब 10 गांवों में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। इस बेमौसम ओलावृष्टि से मक्का समेत अन्य फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बदहवास किसानों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि नुकसान के आकलन के लिए टीम गठित कर दी गई है, जो सोमवार को सर्वे करेगी।
अमरोहा और रामपुर जनपदों में रविवार को दिन भर आसमान बादलों से अटा रहा। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली धूल भरी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन पककर तैयार खड़ी फसलें खेतों में बिछ गई हैं। किसानों के अनुसार, तेज हवाओं से फसल झुकने के कारण उत्पादन प्रभावित होना तय है। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति में भी व्यवधान रहा। जिला कृषि अधिकारियों ने अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी प्रकार बने रहने की आशंका जताई है। मुरादाबाद में मौसम का असर अन्य जिलों की तुलना में कम देखा गया। यहाँ दिन भर धूप और छांव की आवाजाही बनी रही। कुछ देर के लिए बदली जरूर छाई, लेकिन बारिश या आंधी जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई। यहां का जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा, हालांकि प्रशासन मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्क है।
सीएम योगी ने दिया है तत्काल राहत पहुंचाने का आदेश
मौसम के बिगड़े तेवरों के बीच सीएम योगी ने अधिकारियों को फसलों की बर्बादी से परेशान किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही कहा है कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। यह सुनिश्चित करें कि आपदा का असर किसानों पर कम से कम पड़े। अगर कहीं जान-माल या पशुओं का नुकसान हुआ है, या कोई घायल हुआ है, तो 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिलाया जाए।




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