यूपी के इन जिले में बनेगा स्पोर्ट्स कॉलेज, युवाओं को योगी सरकार की सौगात
यूपी में युवाओं को योगी सरकार ने सौगात दी। यूपी में युवाओं के लिए वन डिस्ट्रिक, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर- वन स्पोर्ट्स कॉलेज की संकल्पना को साकार किया जाएगा। हर मंडल मुख्यालय वाले जिलों में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा।

यूपी के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। युवाओं को योगी सरकार ने सौगात दी। यूपी में युवाओं के लिए वन डिस्ट्रिक, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर- वन स्पोर्ट्स कॉलेज की संकल्पना को साकार किया जाएगा। हर मंडल मुख्यालय वाले जिलों में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा। वर्ष 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स व 2036 में ओलंपिक में भारत की प्रस्तावित दावेदारी को देखते हुए इन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, मिनी स्टेडियम व स्टेडियम के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। जिसे खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। युवाओं के कौशल विकास पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
- कौशल विकास मिशन के संचालन व प्रशिक्षण पर खर्च करने के लिए 1000 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ दिए गए
- दस्तकार प्रशिक्षण योजना के लिए 836 करोड़ रुपये दिए गए
- प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत माध्यमिक स्कूलों के छात्रों को कौशल प्रशिक्षण देने को 500 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना के तहत युवाओं को अप्रेंटिसशिप के लिए 20 करोड़ दिए गए।
- हर विधानसभा में 3 लाख व हर लोकसभा क्षेत्र में 10 लाख रुपये से सांसद विधायक खेल स्पर्धा होगी। 20 करोड़ दिए गए हैं।
- मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय मेरठ में नवीन भवन निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये दिए गए।
- मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय मेरठ में शैक्षिणिक व खेल गतिविधियों के लिए 60 करोड़ रुपये । कुल 170 करोड़ दिए गए।
कानपुर के ग्रीन पार्क में बढ़ेंगी सुविधाएं
कानपुर के ग्रीन पार्क अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का पुनर्विकास किया जाएगा। राज्य सरकार 45 करोड़ रुपये से यहां पर खेल सुविधाएं बढ़ाएगी। जिससे स्टेडियम का पुनर्विकास कर उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। खेल प्रतिभाओं को निखारा जाएगा।
छात्रों के लिए बनेगी मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण नीति
विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण के लिए नीति बनाई जाएगी। बजट में 14.50 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। कॅरियर बनाने के दबाव और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में छात्र मानसिक तनाव में रहते हैं और आत्महत्या की बढ़ रहीं घटनाओं को देखते हुए सभी छात्रों को एक समान अवसर दिलाने के लिए नीति तैयार की जाएगी। छात्रों के लिए विशेष काउंसिलिंग की सुविधा प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में दी जाएगी। छात्रों की कॅरियर काउंसिलिंग भी होगी। दक्ष मनोवैज्ञानिक उन्हें तनाव प्रबंधन के विषय में भी जानकारी देंगे। छात्रों को तनाव मुक्त होकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग छात्रों को तनाव मुक्त बनाने के लिए यह ठोस कदम उठा रहा है।




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