कानून व्यवस्था के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, पुलिस आवास के लिए भी बड़ा बजट मिला
यूपी की योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए खजाना खोला है। इस बार 44145.77 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। यह बजट पिछले साल की तुलना में 3277 करोड़ रुपये ज्यादा है।

योगी सरकार ने यूपी में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस बार 44145.77 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। यह बजट पिछले साल की तुलना में 3277 करोड़ रुपये ज्यादा है। वर्ष 2025-26 में गृह विभाग के लिए 40868 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बार पुलिसकर्मियों के लिए अनावसीय व आवासीय भवनों के लिए बड़ी रकम दी गई है। वहीं अग्निशमन विभाग के अफसरों व जवानों के लिए आवासीय भवन और आफिस निर्माण के लिए भी बड़ा बजट दिया है।
गृह विभाग में मिले बजट को अलग-अलग निम्न तरीके से बांटा गया है। इसमें कारागार विभाग, अग्निशमन केन्द्र, यूपी पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स, विजिलेंस, बाल व महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति,साइबर थानों के संसाधन,यूपी-112, एसडीआरएफ के लिए वाहन,नागरिक सुरक्षा विभाग को दिया गया बजट शामिल हैं।
-पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1374 करोड़
-पुलिस विभाग के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1243 करोड़
-नए जिलों में पुलिस के आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण के लिये 346 करोड़
-अग्निशमन केन्द्रों के आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़
-बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था, नवनिर्मित केन्द्रों को पूर्ण से क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़
-मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के वाहनों के लिए 25 करोड़
-कारागार विभाग में कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 56.22 लाख
-महिला व बाल सुरक्षा संगठन के लिए वाहन, उपकरण के लिए 2.69 करोड़
-यूपी-112 का रिस्पांस टाइम बढ़ाने के लिए वाहन खरीदने को दो चरणों में 27.51 करोड़
-एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को कॉपर्स फंड के लिए एक करोड़
-साइबर थानों में वाहन व अन्य संसाधन बढ़ाने के लिए 9.73 करोड़
-एसडीआरएफ के वाहनों के लिए 14.87 करोड़
यह बजट आधुनिक पुलिसिंग को नई गति देगा-डीजीपी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस बजट में कानून व्यवस्था और आधुनिक पुलिसिंग के लिए 44000 करोड़ से अधिक का प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट स्मार्ट, तकनीक सम्पन्न और आधुनिक पुलिसिंग को नई गति देगा। साइबर थानों के आधुनिकीकरण, साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना, डिजिटल व फोरेसिंक जांच, नई फोरेंसिक लैब और वैज्ञानिक अन्वेषण के विशेष प्रावधान इसके प्रमाण है। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के लिए नए वाहन, यूपी-112 के बेड़े का विस्तार, एसडीआरएफ की नई टीमें और अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण—ये सभी कदम सुरक्षित, संवेदनशील और सक्षम उत्तर प्रदेश की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगे।




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