यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों के लिए भरपूर घोषणाएं, योगी के बजट में ग्रामीणों को क्या मिला?
यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों के लिए भरपूर घोषणाएं की गई हैं। बुधवार को पेश किए गए बजट में कुल 32090 करोड़ रुपये पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में खर्च करने को दिए हैं।

यूपी में अगले कुछ महीनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए पंचायती राज विभाग के बजट में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यूपी पंचायत चुनाव को देखते हुए गांवों के लिए भरपूर घोषणाएं की हैं। बुधवार को पेश किए गए बजट में कुल 32090 करोड़ रुपये पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में खर्च करने को दिए हैं। 1000 बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन बनाए जाएंगे। यहां पर उन्हें परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र व आवेदन करने की सुविधा सहित 37 सुविधाएं मिलेंगी। गांव के लोगों को ब्लॉक व जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
दूसरी ओर ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा पर 454 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ई बुक्स व ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा इन डिजिटल लाइब्रेरी में मिले इस पर जोर दिया जाएगा। ग्रामीण स्टेडियम व ओपन जिम का निर्मज्ञध किया जाएगा
पंचायतों में क्या-क्या सुविधाएं बढ़ेंगी
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का द्वितीय चरण चल रहा है। ऐसे में इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए 2823 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- जिला परिषदों, जिला पंचायतों, ब्लॉक व ग्राम पंचायतों को अनुदान देने के लिए 10695 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि दी गई है।
- ग्रामीण स्टेडियम व ओपन जिम के निर्माण के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- 1000 ग्राम पंचायतों में बहुउद्देश्यीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- प्रत्येक विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन व बारात घर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गांवों में 2400 करोड़ से सुधरेंगी अवस्थापना सुविधाएं
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 2400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। नियोजन विभाग सस्टेनेबल डेवपलमेंट गोल्स कार्यक्रम के तहत सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरणीय क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य 2030 तक पूरे करने के लिए प्रयासरत है। एक परिवार एक पहचान योजना के तहत चार करोड़ परिवारों की फैमली आईडी बनाई गई हैं।
20 फीसदी बजट बढ़ा किसानों पर डोरे
कृषि क्षेत्र में प्रावधानित बजट में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करके सरकार ने किसानों की खुशहाली में इजाफा करने की कोशिश की है। विश्वस्तरीय हैचरी और प्रशिक्षण केंद्र के लिए 155 करोड़ रुपये दिए गए हैं। एग्री निर्यात हब के लिए 245 करोड़ रुपये दिए गए हैं। किसान उत्पादक संगठनों के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये से फंड शुरू किया है। इन योजनाओं के जरिये सरकार की कोशिश किसानों को लुभाने की है। इसी तरह पंचायत राज का बजट करीब 67 फीसदी बढ़ाकर ग्रामीण इलाकों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जबकि पंचायत का बजट करीब 32090 करोड़ रुपये किया गया है। इसके जरिये भी सरकार ग्रामीण इलाकों में पकड़ और मजबूत करना चाहती है।




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