कानूनगो, मां और भाई जिंदा जले, मुजफ्फरनगर में दर्दनाक हादसा; धमाकों से दहली कॉलोनी
कालोनीवासियों का कहना है कि मकान के अंदर से कुछ देर तक चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। आग इतनी भीषण थी कि कोई भी अंदर नहीं जा पाया। दमकल विभाग की गाड़ियां सूचना के 15 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गईं। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी ने दो एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया।

मुजफ्फरनगर की वसुंधरा रेजीडेंसी में अंगीठी से आग लगने का कुछ देर तक मकान में मौजूद मां और उनके दोनों बेटों को पता ही नहीं चला। अचानक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जब तक परिवार के लोग सभंल पाते सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। तेज धमाकों के साथ एक के बाद एक दोनों सिलेंडर फट गए। मकान में लगे कांच टूटकर गिर गए। धमाकों की आवाज से कॉलोनी दहल गई और लोग सहम गए। जिसे भी पता चला घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा।
सोमवार शाम 5:15 बजे सुशीला अपने बेटे अमित गौड़ और नितिन गौड़ के साथ मकान की दूसरी मंजिल पर मौजूद थीं। अंगीठी से आग लगने पर धुआं उठता देख कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे। इस बीच एक सिलेंडर तेज धमाके साथ फट गया। इससे बाहर खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। लोग हिम्मत कर फिर से मकान की तरफ पहुंचे तो पांच मिनट बाद दूसरा सिलेंडर फट गया। उसके कुछ देर बाद एसपी का कम्प्रेशर भी फट गया। इससे कॉलोनी में दहल गई और लोग सहम गए। थोड़ी देर में ही आग की लपटें आसमान छूने लगीं। सूचना पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग बुझने के बाद मां और बेटों को निकाला बाहर
कालोनीवासियों का कहना है कि मकान के अंदर से कुछ देर तक चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई भी अंदर नहीं जा पाया। दमकल विभाग की गाड़ियां सूचना के 15 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गई। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने दो एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया। जैसे ही आग पर काबू पाया गया तो दमकल विभाग के कर्मचारी मकान के अंदर पहुंचे और झुलसे मां व बेटों को बाहर निकाला। अनुमान लगाया जा रहा है कि नितिन की पहले दम घुटने से मौत हुई। उसके बाद वह आग की चपेट में आया। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
धमाकों के साथ दूर तक बिखरा कांच
मकान में सिलेंडर फटने के बाद मकान के बाहर लगे कांच के शीशे टूटकर दूर तक जा गिरे। मकान में आग इतनी भयंकर थी कि मकान में रखा कुछ भी सामान नहीं बचा।
आग लगने पर नहीं मिला निकलने का रास्ता
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना कि मकान में एक तरफ सीढी बनी हुई है। उसके बाद दूसरी मंजिल पर किचन व बराबर में कमरे बने हुए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि सीढ़ियों की तरफ आग लगी, जिससे मकान में मौजूद मां व दो बेटों को नीचे आने का रास्ता नहीं मिला। इससे तीनों मकान में ही फंस गए और जिंदा जल गए। भयावह स्थिति को देखकर कालोनी के लोग भी सहमे हुए थे। दमकल विभाग के कर्मचारियों का कहना था कि अमित बेड के पास झुलसी हालत में पड़े हुए थे। जबकि छोटा भाई व मां दूसरी तरफ पड़े थे।
प्रशासन ने बंद कराई बिजली सप्लाई
पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि वसुंधरा कालोनी में गैस सिलेंडर फटने के कारण हादसा हुआ है। इस कारण जिला प्रशासन के आदेश पर एटूजेड फीडर को बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन के आदेश के बाद ही उक्त फीडर की सप्लाई को चालू की जाएगी। आग बुझने के बाद भी मकान की बिजली वायरिंग में आग सुलग रही थी।
तीनों थानों का फोर्स बुलाया मौके पर
आग लगने के कारण घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। नई मंडी कोतवाली पुलिस के साथ शहर कोतवाली व सिविल लाइन पुलिस को मौके पर बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को वहां से हटाया और दमकलकर्मियो की आग बुझाने में मदद की। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था।
आग लगने के कारणों की होगी विस्तृत जांच
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आग लगने से मां व उसके दो बेटों की मौत हुई है। आग के कारणों की जांच के लिए फोरेसिंक टीम को मौके पर बुलाया गया है। फोरेसिंक टीम ने मकान के कमरे व किचन से सैम्पल लिए हैं। आग के कारणों का सही पता चल सके। फोरेंसिक टीम को पूरे हादसे की जांच करने के आदेश दिए गए है।




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