चिलचिलाती धूप में निकलना कठिन, धूल भरी हवा से परेशानी
Siddhart-nagar News - चित्र परिचयदौरान स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों की सूख रही हलक घरों से बाहर निकलने वाले सिर ढक कर सड़कों पर कर रहे आवागमन डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संव

डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। अप्रैल का मध्य माह मैदानी इलाकों के कष्टकारक हो गया है। सुबह से चमचमाती धूप में निकलना लोगों के लिए कठिन लग रहा है। वहीं मंद गति से चलने वाली हवा खड़ी दोपहरी के समय धूल भरी आंधी का रूप ले लेती है। जिसकी वजह से स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों और राहगीरों को परेशान कर देती है। तेज गति की हवा चलने से खेतों में जली पराली की राख और कूड़ा-करकट घरों तक पहुंचकर गंदगी बढ़ा रहा है।मंगलवार को सुबह में सूर्य प्रतिदिन की भांति डुमरियागंज क्षेत्र में चमचमाते हुए दिखाई दिए। सुबह सैर पर निकले लोगों ने मद गति से चलने वाली हवा का आनंद लिया।
लगभग नौ बजे सूर्य की तेजी से निकलने वाली किरणें तल्ख लगने लगी। 40 डिग्री के तापमान वाली धूप के दौरान स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों के हलक सूखी नजर आने। छुट्टी के बाद अभिभावकों से मिलने के बाद प्यास बुझाने के लिए कहने लगे। मुंह को गमछा, साड़ी के पल्लू, टोपी और हेलमेट से सुरक्षित किए गुजर रहा था। राजकुमार, सफीकुल्लाह, हातिम अली, राम संवारे ने कहा कि दस साल के दौरान अप्रैल माह में जून जैसी तेज़ धूप से बढ़ी गर्मी का एहसास हो रहा है। पता नहीं ऐसा क्यों अब प्रकृति के द्वारा धरतीं पर होने लगा है। चिकित्सक डा0 राहुल चौधरी ने कहा कि मौसम के अचानक परिवर्तन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। जब भी घरों से बाहर निकलने पानी का सेवन कर लें और गमछा,टोपी, या हेलमेट का प्रयोग करने से धूप का असर कम हो जायेगा। किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
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