सुपौल : पछुआ हवा ने बढ़ाई तपिश, 39.2 डिग्री पहुंचा पारा, जनजीवन प्रभावित
सुपौल में मौसम तेजी से बदल रहा है। पछुआ हवा के कारण अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। गर्मी से लोग परेशान हैं और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने धूप से बचने और पानी पीने की सलाह दी है।

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मंगलवार को एक बार फिर हवा का रुख पुरवा से बदलकर पछुआ हो गया, जिससे गर्मी ने अचानक तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। पछुआ हवा के प्रभाव से अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक है। दिनभर लोग पसीने से तरबतर होते रहे। गर्मी का आलम यह था कि घर के अंदर भी पंखा और कूलर की हवा नाकाफी साबित हो रही थी। घर की दीवारें दोपहर तक भट्ठी की तरह गर्म हो गई जिससे पंखे की हवा गर्म लग रही थी।
दिनभर करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म पछुआ हवा ने लोगों को लू जैसा एहसास कराया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पछुआ हवा के चलते आने वाले दिनों में तपिश और बढ़ सकती है। तापमान में एक-एक डिग्री की बढ़ोतरी ने ही लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी के कारण दिनभर सड़कें सूनी नजर आईं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे राहत के लिए गन्ने का जूस, तरबूज और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। कई लोग सिर पर गमछा और छाता लेकर धूप से बचाव करते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ी। दोपहर में छुट्टी के समय बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे। इधर, बदलते मौसम का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़कर 20 से 25 तक पहुंच गई है। मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि चर्म रोग और आंखों में संक्रमण की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
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