एक मिनट में 10 बार बोला- शट अप; छात्र की मां पर भड़कने वाली प्रिंसिपल पर होगी FIR
हरदोई की स्कूल प्रिंसिपल के महिला अभिभावक को एक मिनट में 10 बार ‘शट अप’ कहने वाले वायरल वीडियो मामले में ऐक्शन हुआ है। बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

हरदोई शहर के कैनल रोड स्थित न्यू सनबीम स्कूल में एक महिला अभिभावक के साथ प्रिंसिपल द्वारा अभद्र भाषा में बातचीत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस एक मिनट के वीडियो में प्रिंसिपल ने महिला अभिभावक से 10 बार शट अप कहा। हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इस मामले में सोमवार को विद्यार्थी परिषद ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया। मामले में बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर ऐक्शन
बीएसए डा. अजित सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया गया है। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी बिलग्राम, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र और खंड शिक्षा अधिकारी माधौगंज की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। इस टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया। इसके बाद जांच रिपोर्ट सौंपी। जिलाधिकारी अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा को भी जांच की प्रति भेजी गई है। स्थलीय निरीक्षण के बाद जांच कमेटी ने न्यू सनबीम स्कूल में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई हैं।
प्रिंसिपल पर होगी FIR
इसके लिए विद्यालय की प्रबंधक व प्रधानाचार्य प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई हैं। बीएसए ने बताया कि नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी डीएल राणा को निर्देशित किया है कि विद्यालय में अनियमितता के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज (FIR) कराएं। रिपोर्ट की प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधक व प्रिंसिपल ममता मिश्रा को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी न होने तक विद्यालय में प्रवेश न करें। उधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी विद्यालय पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस कर्मियों ने पहुंचकर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
माफीनामा देने को तैयार- प्रिंसिपल
इस मामले में प्रबंधक ने कहा कि मैं माफी नामा लिखित में जहां बताइये वहां देने के लिए तैयार हूं। मैं माफी मांग चुकी हूं। मैंने एक महिला के साथ तेज आवाज में बात की। मैने उसे डांटा। उसके लिए सारी बोल रही हूं। लेकिन उससे पहले के घटनाक्रम पर भी ध्यान दिया जाए। उक्त अभिभावकों ने तीन घंटे तक स्कूल में मनमानी की। टीचर से दुर्व्यवहार किया। फीस कम कराने के लिए दबाव डाला। उन्होंने कहा कि उस वक्त स्कूल में सरकारी कार्यक्रम के तहत बच्चों का टीकाकरण चल रहा था। उनका ध्यान बच्चों की तरफ था। वहीं उक्त पैरेट्स की भी बात सुनी गई। इसके बावजूद वे स्कूल में बने रहे। उन्होंने कहा कि वह निरंतर बच्चों की बेहतर पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। उनके स्कूल के बच्चे यहां से निकलने के बाद हाईस्कूल व इंटर में कई स्कूलों के टापर भी बनते हैं।




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