आज से शामली से दिल्ली -देहरादून एक से सवा घंटे का सफर
Shamli News - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीमराव आंबेडकर जयंती पर सहारनपुर के गणेशपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर लंबा है, जो यात्रा समय को 5 घंटे से घटाकर 2-2.5 घंटे कर देगा। इससे क्षेत्रीय विकास, व्यापार, और रोजगार में वृद्धि होगी।
आज भीमराव आंबेडकर जयंती के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहारनपुर के गणेशपुर में उदघाटन के साथ ही उत्तराखंड एवं वेस्ट यूपी के लोगों को दिल्ली देहरादून इकोनोमिक कोरीडोर की सौगात देने जा रहे है। इसके खुलते ही शामली जिले में भी विकास का एक और द्वार खुल जायेगा। शामली जिले से गुजर रहे इस नेशनल एक्सप्रेसवे को लेकर शामली के लोग भी उत्सुक है। सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। करीब 210 किलोमीटर लंबे इस इस एक्सप्रेसवे का दिल्ली से देहरादून का सफर भी पांच घंटे से घटकर दो से ढाई घंटे हो गया है। जबकि शामली से देहरादून या दिल्ली का सफल एक से सवा घंटे का रह गया है।
दिल्ली उत्तराखंड के साथ ही शामली, बागपत एवं सहारनपुर जनपद के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून के लाखनौर तक लगभग 210 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 12 हजार करोड़ की लागत से बना है। चार फेज में बने इस हाइवे पर शामली जनपद में निर्माण पहले ही पूरा हो गया था। बंतीखेड़ा एवं हाथी करौदा के पास इस एक्सप्रेसव का टोल प्लाजा बना गया है। इस टोल प्लाजा के नाम को लेकर बंतीखेड़ा एवं हाथी करौदा के साथ ही बुटराड़ा के ग्रामीणों द्वारा अपने अपने गांव के नाम से रखने के दांवे किये जा रहे हैं लेकिन एनएचएआई इस पर अभी कोई निर्णय नहीं ले सका है। बंतीखेड़ा में इंटरचेंज बनाया गया है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होते ही जिले में चौथा नेशनल हाइवे चालू हो जायेगा, जबकि दो नेशनल हाइवे शामली अंबाला निर्माणाधीन है और शामली गोरखपुर के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गयी है। शामली जिला दिल्ली एवं देहरादून के लगभग बीच का केंद्र है। इसलिए शामली के लोगों को दिल्ली या देहरादून जाने में एक से सवा घंटा लगेगा। निर्माण इकाई के प्रभारी राजन पांडेय ने बताया कि सभी कार्य पूरा हो चुका है। मंगलवार से प्रधानमंत्री के उद्घाटन करने के बाद से एक्सप्रेसवे खुल जायेगा। एक्सप्रेसवे पर बाइक वं ट्रैक्टर आदि का प्रवेश प्रतिबंधित यह हाईवे विशेष रूप से तेज और सुरक्षित यातायात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पर वाहनों की रफ्तार इसमें 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गयी है। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात को सुनिश्चित करने के लिए इस मार्ग पर बाइक, ट्रैक्टर, लारी और अन्य धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।यात्रा सुगम के साथ ही चौतरफा विकास को मिलेगी रफ्तारदिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर मार्ग न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा। आईआए के चयेरमैन विशाल गुप्ता का कहनपा है कि जिससे पर्यटन, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी नेता घनश्याम मित्तल का कहना है कि इससे व्यापारियों एवं आमजन को भी फायदा मिलेगा। जाम आदि की समस्या के चलते दिल्ली अथवा देहरादून जाने में काफी समय लग जाता था। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
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