senior officials implicated in 400 crore land scam case against 7 including former adm on dm order यूपी : 400 करोड़ के जमीन घोटाले में फंस गए बड़े अफसर, DM के आदेश पर पूर्व ADM समेत 7 पर केस, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी : 400 करोड़ के जमीन घोटाले में फंस गए बड़े अफसर, DM के आदेश पर पूर्व ADM समेत 7 पर केस

2010 में दो कंपनियों को पावर प्लांट के लिए कई गांवों में जमीन दी गई थी। इस जमीन पर न ही पावर प्लांट लगा और न ही इसे वापस लिया गया। दोनों ही कंपनियों ने तत्कालीन ADM, उनके ऑफिस के कर्मचारी और बैंकों के अफसर-कर्मचारियों के साथ मिलकर जमीन अपने नाम कराई। फिर उस पर लोन ले लिया।

Tue, 12 May 2026 08:36 PMAjay Singh संवाददाता, कानपुर देहात
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यूपी : 400 करोड़ के जमीन घोटाले में फंस गए बड़े अफसर, DM के आदेश पर पूर्व ADM समेत 7 पर केस

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील के मूसानगर क्षेत्र के 400 करोड़ के जमीन घोटाले में मंगलवार को पूर्व एडीएम समेत सात पर मुकदमा दर्ज कराया गया। यह कार्रवाई जांच के बाद डीएम के आदेश पर की गई। वर्ष 2010 में दो कंपनियों को पावर प्लांट के लिए कई गांवों में जमीन दी गई थी। इस जमीन पर न ही पावर प्लांट लगा और न ही इसे वापस लिया गया। दोनों ही कंपनियों ने तत्कालीन एडीएम, उनके ऑफिस के कर्मचारी और बैंकों के अफसर-कर्मचारियों संग मिलकर जमीन अपने नाम कराई और फिर उस पर लोन ले लिया। लोन अदा न होने पर बैंकों ने जब जमीन बेची तब जाकर घोटाले का खुलासा हुआ।

भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने बताया कि मूसानगर क्षेत्र में 1320 मेगावाट क्षमता के बिजली घर के लिए हिमावत पावर प्रा. लिमिटेड को शासन के निर्देश पर अमिलिया, चपरघटा, कछगांव व सिहारी में और इतनी ही क्षमता के बिजली घर के लिए लैन्को अनपरा पावर प्रा. लि. को कृपालपुर, चपरघटा, भुण्डा, रसूलपुर और भरतौली में ग्राम समाज की जमीन पुनर्ग्रहण और निजी काश्तकारों की जमीन अधिग्रहण करके दी गई थी।

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इसमें ग्राम सभा की भूमि 30 वर्ष के लिए लीज पर दी गई थी। 2011 के बाद से कंपनियों ने लीज पर दी गई जमीन का वार्षिक किराया नहीं भरा और न ही यहां पावर प्लांट लगा। यही नहीं दोनों ही कंपनियों ने फर्जी कूट रचित दस्तावेज से जमीन अपने नाम कराने के बाद एग्रीमेंट की शर्तों के विरुद्ध बिना राज्य सरकार की अनुमति के बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर लोन के लिए बैंकों को बंधक रख दी।

लोन अदा न करने पर बैंकों ने जब जमीन बेची तो किसानों ने हो हल्ला किया। इस पर 400 करोड़ की जमीन के घोटाले की जांच कराई गई। इसमें हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड और लैन्को अनपरा पावर के वाइस प्रेसीडेंट एनएन मूर्ति राजू भार्गव स्टेट सिविल लाइन कानपुर, उद्योग विहार फेज-3 गुरुग्राम हरियाणा और तत्कालीन बैंक पंजाब नेशनल शाखा मंडल शस्त केन्द्र गुरुग्राम, केनरा बैंक शाखा अज्ञात, आईडीबीआई बैंक शाखा अज्ञात के अधिकारी-कर्मचारी और राजस्व के ओके सिंह तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति कानपुर नगर और उनके कार्यालय के कर्मचारी दोषी पाए गए।

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तहसीलदार ने बताया कि षड्यंत्रपूर्वक खतौनी में नाम पंजीकृत कराने व कूट रचित दस्तावेज तैयार करके सरकार को करीब 300 से 400 करोड़ की क्षति पहुंचाने के मामले में डीएम कपिल सिंह के आदेश पर पूर्व एडीएम समेत सभी सात दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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