पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला समीर तीसरी पास, परिवार की माली हालत भी खराब
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए गैंग में शामली का समीर भी शामिल है। पुलिस ने चार दिन पहले समीर को उठाया था। चौथे दिन उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। मजदूरी करने वाले समीर तीसरी तक पढ़ा है और उसके परिवार की माली हालत खराब है।

गाजियाबाद में पकड़े गए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गैंग में शामली के गांव बुटराड़ा का समीर भी शामिल है। गाजियाबाद पुलिस ने चार दिन पहले समीर को उठाया था। चौथे दिन उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। मजदूरी करने वाले समीर तीसरी तक पढ़ा है और उसके परिवार की माली हालत खराब है। 100 गज के कच्चे घर में समीर के पिता एवं चाचा, ताऊ समेत चार परिवार रहते हैं।
शामली के बुटराडा गांव निवासी 22 वर्षीय समीर और उसका परिवार काफी गरीब है। समीर के पिता शहजाद ने बताया कि वह राजमिस्त्री है, उनके तीन बेटे हैं। समीर बीच का है। वह मजदूरी करता है, मेरे साथ ही काम पर जाता था, उसका दिमाग बहुत काम नहीं करता है। उसके अन्य दोनों भाई भी मजदूरी करते हैं। शहजाद का कहना है कि मकान में उसके शहजाद के परिवार के अलवा बड़े भाई जिनका इंतकाल हो चुका है उसके बच्चे एवं अन्य भाई अलीहसन व तैय्यब का परिवार रहता है। इस कच्चे मकान में करीब छोटे बड़े 30 लोग रहकर अपनी गुजर बसर कर रहे हैं।
शहजाद ने बताया कि उनके पास पुलिस का अभी तक फोन नहीं आया है। गाजियाबाद से एक फोन आया उसने अपने आप को वकील बताया और कहा कल आपके बेटे की पेशी है आ जाना। उनका बेटा समीर सरकारी स्कूल में तीसरा दर्जा (कक्षा-3) पास है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से वह छोटी उम्र से मेहनत मजदूरी करने लगा था।
मां बोली-बेटा निर्दोष है
शहजाद ने बताया उसका बेटे के पास पुराना टूटा मोबाइल था। वह भी चार महीने से बंद पड़ा था। ईद के दिन ही उसे ठीक कराया था। चार महीने तक उसमें सिम भी नहीं था। समीर की मां सजीदा ने रोते हुए बताया ईद के दिन पुलिस समीर को उठाकर ले गई जबकि उनका बेटा निर्दोष है।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में तीन गिरफ्तार
पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह से जुड़े तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, देश की सुरक्षा एवं अखंडता के खिलाफ गतिविधियों (राजद्रोह) और जासूसी की धाराएं लगाई हैं। वहीं, जांच के आधार पर सभी गिरफ्तार लोगों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 भी लगाई गई। यह धारा आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने, उकसाने, सलाह देने या उसे सुविधाजनक बनाने के लिए दंडित करती है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
तीनों मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे
पुलिस को कई सुराग हाथ लग चुके हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लिया जा सकता है। पहले चरण में मिले सभी साक्ष्यों को सत्यापित किया जा रहा है। इनमें कोई कमी लगने पर आरोपियों की भी रिमांड के लिए अर्जी देगी। पुलिस ने मंगलवार को बरामद हुए तीनों मोबाइल फोन के साथ सुहेल के दूसरे फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। 14 मार्च को बरामद हुए फोन और दोनों सीसीटीवी कैमरों की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट एक या दो दिन में आ जाएगी।




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