तपती दोपहरी ने थामी रफ्तार, गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
Sambhal News - जनपद में अत्यधिक गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री और न्यूनतम 26.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। डीएम ने लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने और पानी पीने की सलाह दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान और पशु गर्मी से प्रभावित हैं।

जनपद में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तपती दोपहरी और गर्म हवाओं के चलते जहां सड़कों पर रफ्तार थम गई है वहीं, बाजारों की रौनक भी फीकी पड़ गई है। दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है। मानो जीवन कुछ समय के लिए ठहर सा गया हो। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। बीते एक सप्ताह से जनपद में लगातार तापमान बढ़ रहा है। गर्मी का आलम यह है कि लोग जरूरी काम भी सुबह या शाम के समय निपटाने की कोशिश कर रहे हैं।
दोपहर होते ही बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो जाती है। दुकानदार भी गर्मी के कारण सुस्त नजर आते हैं। तेज धूप और लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी, कूलर और पंखों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन तेज तापमान के आगे ये साधन भी बेअसर साबित हो रहे हैं। बिजली की खपत बढ़ने से कटौती की समस्या भी सामने आ रही है। जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम काफी कठिन साबित हो रहा है। गर्मी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ देखने को मिल रहा है। किसान तेज धूप और लू के कारण दिन के समय खेतों में काम करने से बच रहे हैं। वे सुबह जल्दी या शाम को ही खेती-किसानी का काम निपटा रहे हैं। पशुओं पर भी गर्मी का असर पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने जारी की एडवाइजरी- दोपहर 12 से तीन बजे तक कड़ी धूप में बाहर न निकलें।- पानी खूब पियें, जितनी बार हो सके पानी पियें।- प्यास न लगे तो भी थोड़ा-थोड़ा पानी लेते रहें।- हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।- बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, छाता, धूप का चश्मा और चप्पल-जूते जरूर इस्तेमाल करें।- यात्रा में पानी साथ रखें और बाहर काम करना हो तो गीले कपड़े को चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें।- टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें।- तबीयत खराब लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।- घर पर लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी, छाछ, आम पन्ना जैसे पेय पदार्थ लें।- जानवरों को छांव में रखें और उन्हें भी पानी पिलाते रहें।- घर को ठंडा रखें तथा रात में खिड़कियां खुली रखें।- शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल न करें।यह तरीके अपनाएं और करें बचाव- धूप में खड़े वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें।- नशीले पदार्थ, शराब, अल्कोहल और बासी भोजन का सेवन न करें।- खाना बनाते समय खिड़की-दरवाजे खुले रखें ताकि हवा आती-जाती रहे।- खिड़कियों को एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते आदि से ढकें ताकि गर्म हवा अंदर न आए।- दोपहर में गर्म हवा आने वाली खिड़कियों पर काले पर्दे लगाएं।- स्थानीय मौसम पूर्वानुमान सुनते रहें और तापमान में बदलाव पर ध्यान दें।
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