यूपी पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण प्रशासन को लेकर बड़ा कदम, सभी 826 ब्लॉकों में लागू होगी ये प्रणाली
आवंटित बजट से कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे उपकरण खरीदे गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारी को पूरी प्रक्रिया और बजट खर्च की मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है। ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर के संचालन के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले यूपी के गांवों को लेकर एक महत्वपूर्ण काम होने जा रहा है। शासन अब ग्रामीण स्तर तक प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी में जुट गया है। सचिवालय और जिला मुख्यालयों के बाद अब प्रदेश के सभी 826 विकास खंडों (ब्लॉकों) में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जाएगी। इस योजना के लिए शासन ने 15 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी कर दी है। ब्लॉक स्तर पर ई ऑफिस सिस्टम लागू होने से न केवल फाइलों के गुम होने या लंबित रहने की समस्या खत्म होगी, बल्कि ग्रामीण विकास की योजनाओं की मॉनिटरिंग भी रियल टाइम में हो सकेगी। पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण खरीदे गए
आवंटित बजट से कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे उपकरण खरीदे गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारी को पूरी प्रक्रिया और बजट खर्च की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर के संचालन के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
जिले के 15 ब्लॉकों की बदलेगी तस्वीर
जिले के सभी 15 ब्लॉकों को इस योजना के तहत ई ऑफिस के रूप में विकसित किया जाएगा। अब तक जो डिजिटल सुविधाएं केवल जिला मुख्यालय तक सीमित थीं, वे अब सीधे खंड विकास कार्यालयों में उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ई-ऑफिस लागू होने के बाद हर फाइल का निस्तारण ऑनलाइन होगा।
ई-ऑफिस से होगा फायदा
तेजी: फाइलों का निस्तारण ऑनलाइन होने से काम की रफ्तार बढ़ेगी।
पारदर्शिता: हर फाइल की ट्रैकिंग हो सकेगी कि वह किस पटल पर रुकी है।
कागजी बचत: कागजी कार्यवाही कम होने से पर्यावरण और सरकारी खर्च दोनों की बचत होगी।
सुशासन: योजनाओं का लाभ आमजन तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सकेगा।
क्या बोले अधिकारी
बरेली के जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि विकास खंडों (ब्लॉकों) में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इसके लिए कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण खरीदे गए हैं। कर्मचारियों को भी आवश्यकता होने पर ट्रेनिंग दी जाएगी।




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