AMU में पहली हर-हर महादेव और जय श्रीराम के लगे नारे, योगी के मंत्री ने बताया ऐतिहासिक
एएमयू का कैनेडी ऑडिटोरियम इतिहास में पहली बार जय श्रीराम, हर-हर महादेव और भारत मात की जय के जयकारे लगे। दरअसल, केन्द्र सरकार के 12 वर्ष व राज्य सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन की शुरूआत नारों से की।

UP News: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का कैनेडी ऑडिटोरियम इतिहास में पहली बार जय श्रीराम, हर-हर महादेव और भारत मात की जय के जयकारों से गूंज उठा। मौका था शुक्रवार को आडिटोरियम में आयोजित केन्द्र सरकार के 12 वर्ष व राज्य सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर उद्यान विभाग से आयोजित मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का। एएमयू कैम्पस व सोशल मीडिया पर यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया है।
एएमयू के कैनेडी ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्यान विभाग की ओर से औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें अलीगढ़, आगरा व मेरठ मंडलों के जिलों से आए प्रगतिशील किसान पहुंचे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन की शुरूआत भारत माता के जयकारे से की। राज्यमंत्री ने कहा कि एएमयू कैनेडी हॉल के इतिहास में पहली बार ऐसा कार्यक्रम हो रहा है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है।
मंत्री ने आगे कहा कि एएमयू में प्रदेश सरकार के 100 विकास कार्यों का उद्घाटन पहले कभी किसी नेता को करते नहीं देखा होगा। यह भी ऐतिहासिक है। आजादी के बाद से आज तक एएमयू के भीतर कोई जनसभा नहीं हुई और न ही किसी सरकार के मंत्री कार्यक्रम में इस तरह का भाषण कभी हुआ। राज्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन जय श्रीराम और नमो पार्वती नमः और हर-हर महादेव के जयकारे के साथ किया। एएमयू के कैनेडी हॉल में इस प्रकार के धार्मिक उद्घोषों के साथ आयोजित कार्यक्रम पहली बार चर्चा का विषय बना हुआ है।
एएमयू में धार्मिक नारेबाज़ी की निंदा
एएमू में भाजपा राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा धार्मिक नारे लगाकर छात्रों को धर्म के आधार पर बांटने का जो घिनौना कार्य किया गया है, वैसा यहां पहले कभी नहीं हुआ। एएमयू के पूर्व छात्र सलमान शाहिद ने कहा कि मैं इस कृत्य की घोर निंदा करता हूं। मैं विवि प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसा करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। साथ ही, भविष्य में कैंपस के भीतर इस तरह के विभाजनकारी कार्यक्रमों के आयोजन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।
उद्यान मंत्री बोल रहे थे और बत्ती हुई गुल
हालांकि एएमयू के ऑडिटोरियम में मंडलीय गोष्ठी के दौरान जब राज्यमंत्री उद्यान का संबोधन शुरू हुआ तो कुछ ही देर बाद बत्ती गुल हो गई। कुछ मिनट बाद बत्ती आई, तो कुछ देर बाद फिर चली गई। पूरी गोष्ठी के दौरान चार बार बिजली आई और गई। इतना ही नहीं किसानों का सम्मान भी अंधेरे में हुआ।




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