75 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिल गई राहत, रिचार्ज का झंझट खत्म, अब पोस्टपेड होंगे मीटर
ऊर्जा मंत्री ने 75 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लेकर बड़ी राहत दी है। बिजली विभाग की ओर से अभी तक जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें प्रीपेड नहीं किया जाएगा।

Prepaid Smart Meter: यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों को रहे परेशानियों के बीच अच्छी खबर है। ऊर्जा मंत्री ने 75 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लेकर बड़ी राहत दी है। बिजली विभाग की ओर से अभी तक जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें प्रीपेड नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अब तक प्रीपेड मोड में बदले गए मीटर भी पोस्टपेड होंगे। यानी जैसे पहले बिल आते थे वैसे ही आएंगे। स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने का झंझट नहीं होगा। प्रीपेड व्यवस्था में तकनीकी खामी देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसे समाप्त करने के आदेश दिए हैं।
केंद्र की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुराने मीटर स्मार्ट से बदले जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें बिना उपभोक्ताओं की सहमति प्रीपेड किया जा रहा था। बीते साल सितंबर से नए बिजली कनेक्शन अनिवार्य तौर पर प्रीपेड मीटर के साथ दिए जा रहे थे। प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता परेशान थे। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे थे। जनता की नाराजगी देखकर सोमवार को ऊर्जा मंत्री ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने के आदेश दिए हैं। अब पहले की तरह मासिक बिल मिलेंगे। 75 लाख उपभोक्ता, जिनके स्मार्ट मीटर बिना सहमति प्रीपेड कर दिए गए थे, उन्हें पोस्टपेड में बदला जाएगा।
सीईए की अधिसूचना के बाद भी जारी थी व्यवस्था
पिछले संसद सत्र के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया था कि मीटर प्रीपेड होगा या पोस्टपेड यह चुनने का अधिकार उपभोक्ताओं का है। विद्युत अधिनियम - 2003 की धारा 47 (5) में यही व्यवस्था है। वहीं, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने भी अधिसूचना जारी करके मीटरों के प्रीपेड मोड में होने की बाध्यता समाप्त कर दी थी। एक अप्रैल को जारी अधिसूचना के बावजूद यूपी में प्रीपेड मोड में ही नए कनेक्शन दिए जा रहे थे। इसके खिलाफ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग में याचिका दायर की थी। याचिका पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से जवाब तलब भी किया था। हालांकि, कॉरपोरेशन ने जवाब तो नहीं दिया, लेकिन उसके पहले ही मंत्री ने मीटरों के प्रीपेड होने की बाध्यता समाप्त कर दी।
मुकदमे भी वापस ले सरकार
प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता के खिलाफ मुखर रहे अवधेश कुमार वर्मा ने प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने मीटर उखाड़कर फेंकने वाले उपभोक्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर पावर कॉरपोरेशन ने पहले ही नियम के मुताबिक फैसला ले लिया होता तो ऐसी घटना नहीं होती।
हर महीने 10 तक मिलेंगे बिल
सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक दिए जाएंगे। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
समय से न मिले बिल तो यहां करें शिकायत
ऊर्जा मंत्री न कहा कि जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय से बिल न मिले वे वितरण कंपनियों के नंबर पर कनेक्शन नंबर बताकर बिल प्राप्त कर सकेंगे।
पूर्वांचल - 8010968292;
मध्यांचल - 7669003409;
पश्चिमांचल - 7859804803
दक्षिणांचल - 8010957826
केस्को - 8287835233
इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करके भी बिल प्राप्त किए जा सकेंगे। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी भी समस्या के निपटारे के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाए जाएं।
चार किस्तों में जमा करवाई जाएगी सिक्योरिटी
पोस्टपेड मीटर में कनेक्शनधारकों से सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाती है जबकि प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि नहीं देनी होती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले गए उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब जब दोबारा प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदला जाएगा तो उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि सिक्योरिटी राशि एकमुश्त न जमा करवाकर चार किस्तों में जमा करवाई जाए ताकि उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ न आए।




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