गांव से शहर तक सवाल, चुनावी साल में बवाल; प्रीपेड मीटर पर सरकार की नरमी के अंदर की कहानी
उत्तर प्रदेश में गांव से शहर तक सवाल और चुनावी साल में बवाल के बाद चुनावी साल में सरकार को बैकफुट पर ला दिया। इस बढ़ते असंतोष पर अब यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

UP News: उत्तर प्रदेश में बिजली स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर शहर से लेकर गांव तक जनता के विरोध ने चुनावी साल में सरकार को बैकफुट पर ला दिया। कई जिलों में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, बिजली दफ्तरों का घेराव किया और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग उठाई। उनके आरोप थे कि नए मीटरों से बिजली बिल अचानक बढ़ गए हैं। इस बढ़ते असंतोष पर अब यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। दरअसल, राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा संवेदनशील बन चुका था। विपक्ष ने भी सरकार को कई बार घेरा।
अंदर खाने की बात है कि विपक्ष को हथियार ना मिल जाए लोगों को भड़काने का, इसलिए पार्टी के नेताओं में भी जनता के बीच स्वतःस्फूर्त उबाल को देखते हुए बेचैनी थी। कई भाजपा विधायक भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मामला उठाया था। बताया जा रहा है, इसमें प्रमुख नाम एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह का है। डॉ. धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को समस्या से अवगत कराया था। स्मार्ट मीटरों को लेकर जनता में व्याप्त नाराजगी और जन-आक्रोश का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ऐसे सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर जनता सतुष्ट करने की कोशिश की है।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था से यूपी के उपभोक्ता परेशान थे। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। बावजूद इसके पावर कॉरपोरेशन के आदेश पर बिजली कंपनियां प्रीपेड मीटर के साथ ही बिजली कनेक्शन दे रही थीं। हालांकि, कुछ दिन पहले पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन नए कनेक्शन प्रीपेड मोड में ही दिए जा रहे थे। जनता की नाराजगी बढ़ती देखकर सोमवार को ऊर्जा मंत्री ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने के आदेश दे दिए हैं। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह मासिक बिल मिलेंगे। वहीं, 75 लाख उपभोक्ता, जिनके स्मार्ट मीटर बिना उनकी सहमति के प्रीपेड कर दिए गए थे, उन्हें पोस्टपेड में बदला जाएगा।
कई जिलों में जनता ने जताया आक्रोश
अलीगढ़ में स्मार्ट मीटर की शिकायत को लेकर पड़ियावली बिजलीघर पर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। वहीं हाथरस में अनेक महिला-पुरुष घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर गिजरौली बिजलीघर पहुंच गए। घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके अलावा आगरा में भी महिलाओं ने स्मार्ट मीटर फेंक कर सड़क पर प्रदर्शन किया। यही नहीं मेरठ और लखनऊ में भी जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। फिरोजाबाद, मुरादाबाद, रामपुर, संभल में भी प्रदर्शन किया। इधर, बुंदेलखंड के साथ ही कानपुर के आसपास जिलों में भी स्मार्ट मीटर पर आक्रोश था।
विपक्ष ने भी मुद्दा बनाने की कोशिश
स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर विपक्ष ने भी सरकार जमकर घेरा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई बार प्रेसवार्ता में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मुद्दा उठाया। अखिलेश का आरोप था कि प्रीपेड से जनता को लूटा जा रहा है। यूपी कांग्रेस के नेता ने भी इस मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज में भी प्रदर्शन कर स्मार्ट मीटर का विरोध किया।




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