Relief for 22000 Madrassa teacher who lost their jobs in UP, Yogi sarkar asks officials to prepare adjustment roadmap यूपी में नौकरी गंवाने वाले 22 हजार मदरसा शिक्षकों के लिए राहत, योगी सरकार ने दिया यह आदेश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में नौकरी गंवाने वाले 22 हजार मदरसा शिक्षकों के लिए राहत, योगी सरकार ने दिया यह आदेश

यूपी में नौकरी गंवाने वाले 22 हजार मदरसा शिक्षकों के लिए राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने अधिकारियों को उनके समायोजन के लिए रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। ये बातें  मंत्री दानिश आजाद ने बताईं।

Thu, 2 April 2026 03:40 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी में नौकरी गंवाने वाले 22 हजार मदरसा शिक्षकों के लिए राहत, योगी सरकार ने दिया यह आदेश

UP News: उत्तर प्रदेश में मदरसा आधुनिकीकरण योजना बंद होने के बाद अपनी नौकरी गंवाने वाले लगभग 22,000 शिक्षकों को राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने अधिकारियों को उनके समायोजन के लिए रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद यह निर्देश जारी किया।

पीटीआई से बात करते हुए मंत्री दानिश अंसारी ने कहा कि 2023-24 में योजना बंद होने से हजारों शिक्षक बेरोजगार हो गए हैं और सरकार उन्हें मदरसा शिक्षा प्रणाली में समायोजित करने के तरीके तलाश रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि 1995 में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक इस योजना के तहत नियुक्त लगभग 22,000 शिक्षकों ने शिक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उनके समायोजन के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र द्वारा 1995 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करना था। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत लगभग 22,000 अस्थायी शिक्षक कार्यरत थे, जो सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सरकारी दोनों प्रकार के मदरसों में पढ़ाते थे। हालांकि, केंद्र द्वारा वित्त पोषण बंद करने के बाद, योजना बंद कर दी गई, जिससे शिक्षक दो साल से अधिक समय से वेतनहीन हो गए।

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शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने इस कदम का स्वागत किया

शिक्षक संघ मदरिस अरबिया उत्तर प्रदेश के महासचिव दीवान साहब जमान खान ने कहा कि यदि प्रस्तावित समायोजन योजना लागू होती है तो यह एक सकारात्मक कदम होगा।उन्होंने बताया कि यह योजना शुरू में पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित थी, जो योग्यता के आधार पर 6,000 रुपये से 12,000 रुपये तक का मासिक मानदेय प्रदान करती थी। बाद में, समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान, राज्य सरकार ने भी अपना हिस्सा देना शुरू कर दिया, जिससे कुल पारिश्रमिक बढ़ गया। खान ने कहा कि इस योजना से मुख्य रूप से गैर-सरकारी मदरसों को मदद मिली, जहां आधुनिक विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। कुछ प्रभावित शिक्षकों ने सावधानीपूर्वक आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश से राहत की उम्मीद जगी है, भले ही योजना के तहत पारिश्रमिक मामूली रहा हो। एक शिक्षक ने कहा कि यदि सरकार समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो इससे उन लोगों को बहुत आवश्यक सहायता मिलेगी जो योजना समाप्त होने के बाद से बेरोजगार हैं।

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