यूपी में रुका सड़कों का निर्माण कार्य फिर होगा शुरू, योगी कैबिनेट ने पुराने टेंडर को लेकर लिया यह फैसला
यूपी में रुका सड़कों का निर्माण कार्य फिर शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सोमवार पुराने टेंडर में डामर के दाम को समायोजित करने की मंजूरी दे दी है।

UP News: पश्चिम एशिया देश के हालात की वजह से बिटुमिन (डामर) के दामों में हुए इजाफे से यूपी में थमा सड़कों का निर्माण फिर शुरू हो सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सोमवार पुराने टेंडर में डामर के दाम को समायोजित करने की मंजूरी दे दी है।
लोक निर्माण विभाग में अनुबंधों में मूल्य इजाफे को समायोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है। टेंडर के समय डामर की दरें तकरीबन 45 हजार रुपये प्रति टन थीं, जबकि ताजा हालात की वजह से इनके दाम 80 हजार रुपये तक चढ़ गए हैं। ऐसे में सड़कों की निर्माण लागत में एक से सवा लाख रुपये प्रति किलोमीटर तक का इजाफा हो गया था। दामों में हुई बढ़ोतरी की वजह से ठेकेदारों ने काम ठप कर दिया था। मौजूदा समय में करीब 1800 करोड़ रुपये के काम प्रभावित थे। वहीं, इसी बढ़ोतरी को देखते हुए केंदीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 17 अप्रैल को बढ़ी दरों को पुराने टेंडर में समायोजित करने के आदेश जारी कर दिए थे। यूपी में भी इसकी मांग चल रही थी। कैबिनेट ने सोमवार को इजाफे की दरें समायोजित करने की मंजूरी दे दी। आदेश उन टेंडरों पर प्रभावी होंगे जो एक अप्रैल से पहले हुए हैं।
मंडी समिति की तरह मंडी परिषद कर्मियों द्वारा की गई गड़बड़ियों का होगा निपटारा
वहीं कैबिनेट ने मंडी समिति कर्मियों की भांति मंडी परिरषद कर्मियों की गड़बड़ियों के निपटारे की व्यवस्था संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। मंडी समितियों व मंडी परिषद के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सेवानिवृति के उपरांत पेंशन की सुविधा नहीं मिलती है। ऐसे में किसी कर्मचारी या अधिकारी के द्वारा किसी गड़बड़ी के कारण मंडी समितियां अथवा मंडी परिषद को कोई आर्थिक क्षति पहुंचती है तो सेवानिवृति के बाद उनसे वसूली करना असंभव सा था। ऐसे में अब तक मंडी समितियों में इस प्रकार की आर्थिक गड़बड़ियों के कारण होने वाली क्षति के आधार पर समिति के सभापति को अधिकार है कि वह संबंधित पक्ष को सुनकर क्षतिपूर्ति या माफी का निर्धारण कर सकता है। ऐसी व्यवस्था मंडी परिषद के कर्मचारियों या अधिकारियों के मामले में ऐसी व्यवस्था नहीं थी परिणामस्वरूप क्षतिपूर्ति की वसूली में तमाम तरह की दिक्कतें आती थी। इसके निपटारे से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने आज मंजूरी प्रदान कर दी है।
राजकीय विद्यालयों में 150 ड्रीम स्किल लैब स्थापित किए जाएंगे
प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ड्रीम (डिजाइन, रोबोटिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैनुफैक्चरिंग) स्किल लैब स्थापित किए जाने हैं। ‘‘ टाटा’’ की संस्था नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में दो क्लस्टर अर्थात 150 क्लस्टर ड्रीम स्किल लैब्स स्थापित करेगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) किया जाएगा। कैबिनेट ने एमओए के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। ड्रीम स्किल लैब की स्थापना से विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी व औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ बेहतर तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा व प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद छात्र सरकारी या निजी क्षेत्र की कंपनियों व इकाइयों में बेहतर प्लेसमेंट, सेवायोजन अथवा रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।




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