केबिन बंद कर डॉक्टर ने युवती के उतरवाए कपड़े, मशहूर न्यूरो सर्जन पर गलत हरकत का आरोप, हंगामा
प्रयागराज के मशहूर न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर बीए की एक छात्रा ने इलाज के दौरान छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि माइग्रेन के चेकअप के बहाने डॉक्टर ने केबिन लॉक कर उसके कपड़े उतरवाए और गलत हरकतें कीं।

UP News: प्रयागराज के मशहूर न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर बीए की छात्रा ने इलाज के दौरान गलत हरकतें करने का आरोप लगाते हुए क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया है। माइग्रेन के इलाज के लिए पहुंची छात्रा ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने केबिन का दरवाजा लॉक करके उसके शरीर के ऊपरी हिस्से के कपड़े उतारकर छेड़खानी की। नीचे के कपड़े भी उतारने के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया। सिविल लाइंस पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर डॉ. शर्मा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।
सुलेमसराय की रहने वाली बीए की छात्रा की तहरीर के मुताबिक, वह बुधवार रात करीब दस बजे अपने भाई के साथ सिविल लाइंस स्थित न्यूरो सर्जन डॉ. शर्मा की क्लीनिक पर माइग्रेन का इलाज कराने गई थी। उसे 74 नंबर मिला और वह अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। इसी बीच उसका भाई किसी काम से घर चला गया। थोड़ी देर बाद नंबर आने पर छात्रा डॉक्टर के केबिन के अंदर गई।
छात्रा का आरोप है कि डॉक्टर ने जांच की बात कहकर अन्य मरीजों को बाहर कर दिया और अपने केबिन का दरवाजा लॉक कर लिया। मेरे शरीर के ऊपरी हिस्से के कपड़े उतारकर छेड़खानी करने लगे। डॉक्टर ने उसे नीचे के कपड़े भी उतारने के लिए बोला, लेकिन उसने इसका विरोध किया और कहा कि उसे जांच नहीं करानी है। छात्रा ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो बाहर खड़े मरीज जुट गए।
छात्रा ने अपने परिजनों को फोन कर जानकारी दी। छात्रा का भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए। हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर ने सभी को बाहर कर अंदर से मेन गेट बंद कर लिया। डॉक्टर ने छेड़खानी या किसी गलत हरकत से इनकार करते हुए इसे रूटीन चेकअप बताया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि युवती की तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। शुक्रवार को कोर्ट में पीड़िता का बयान भी दर्ज कराया जाएगा।
क्या बोले डॉक्टर
छात्रा के छेड़खानी के आरोपों पर डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा ने भी सफाई दी है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि पीड़िता उनके यहां पिछले तीन महीने से इलाज करा रही थी। बुधवार की रात करीब 9.00 बजे छात्रा उनके हॉस्पिटल में इलाज के लिए आई थी। छात्रा का इलाज भी किया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद छात्रा ने उनके ऊपर छेड़खानी का आरोप लगा दिया। डॉक्टर शर्मा का कहना है कि उन्हें आशंका है कि छात्रा को बहला कर उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसे आरोप लगवाए गए हैं। डॉक्टर का कहना है कि निष्पक्ष जांच होगी तो सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।




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