यूपी में अब सभी मेडिकल कॉलेजों में होंगे पोस्टमार्टम, योगी सरकार ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
यूपी में अब सभी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम होंगे।योगी सरकार ने फॉरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने तथा पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश में अब सभी मेडिकल कालेजों को पोस्टमार्टम करने होंगे। योगी सरकार ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं। फॉरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने तथा पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी राजकीय चिकित्सालयों, चिकित्सा संस्थानों, राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों तथा निजी मेडिकल कॉलेजों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में फॉरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। न्यायिक प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में पोस्टमार्टम कार्य आधुनिक शव-विच्छेदन गृहों में ही संपन्न कराया जाएगा तथा फॉरेंसिक मेडिसिन के पठन-पाठन को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा शिक्षकों एवं रेजिडेंट चिकित्सकों को शव-विच्छेदन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके तहत मानकीकृत एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं से युक्त निजी मेडिकल कॉलेजों में भी, शासनादेशों की शर्तों के अधीन, पोस्टमार्टम के दौरान शिक्षण गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।
निजी मेडिकल कालेजों को देंगे लावारिस शव उपलब्ध कराए जाएंगे
निजी मेडिकल कॉलेजों को केवल लावारिस शव ही उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही राजकीय एवं स्वशासी चिकित्सा संस्थानों में सभी प्रकार के शव परीक्षण चिकित्सा शिक्षकों एवं रेजिडेंट्स की सहभागिता से किए जा सकेंगे। प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों जैसे केजीएमयू लखनऊ, आरएमएलआईएमएस लखनऊ, एसजीपीजीआई लखनऊ, यूपीयूएमएस सैफई (इटावा) सहित अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में जहां फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग स्थापित है, वहां भी शव-विच्छेदन कार्य संबंधित विभागों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।
गंभीर मामले निजी मेडिकल कॉलेजों को नहीं भेजे जाएंगे
गंभीर एवं जघन्य अपराधों अथवा बोर्ड द्वारा कराए जाने वाले पोस्टमार्टम के मामलों को निजी मेडिकल कॉलेजों को संदर्भित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को मेडिकल बोर्ड में शामिल किया जाएगा। जहां उपलब्ध हों, वहां डिस्ट्रिक्ट मेडिको-लीगल एक्सपर्ट को मेडिकल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाएगा। पोस्टमार्टम की रिपोर्टिंग एवं रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी पूर्ववत मुख्य चिकित्साधिकारी की होगी, जबकि संस्थानों में किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्टिंग संबंधित फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी चिकित्सा संस्थानों में शव-विच्छेदन गृहों का निर्माण एवं उपकरणों की व्यवस्था राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल (NMC) के मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम कार्य प्रारंभ करने से पूर्व, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा निरीक्षण किया जाएगा तथा शासन को संस्तुति प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम अनुमोदन प्रदान किया जाएगा।




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