यूपी की इस महिला BSA और क्लर्क को भगोड़ा घोषित कराएगी पुलिस, NBW के बावजूद फरार चल रहे दोनों
देवरिया में तैनात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने 20 फरवरी को सुसाइड कर लिया था। इस केस में महिला बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और क्लर्क संजीव सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। दोनों नौकरी से सस्पेंड हैं और फरार चल रहे हैं। गैर जमानती वारंट के बाद भी वे हाजिर नहीं हुए। अब उन्हें भगोड़ा घोषित करने की तैयारी है।

UP News : शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहे देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद दोनों के अदालत में पेश न होने पर अब पुलिस उन्हें भगोड़ा घोषित कराने के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। भगोड़ा घोषित होने के बाद उनके घर 82 का नोटिस चस्पा किया जाएगा और फिर संपत्ति कुर्क कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरी बाजार स्थित एक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। वेतन बहाल न होने और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने 21 फरवरी को गुलरिहा स्थित अपने आवास में फंदे से लटक आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद सरगर्मी मची थी।
कृष्ण मोहन सिंह ने सुसाइड नोट और वीडियो में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बीएसए और लिपिक अब भी फरार हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर पहले 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया है।
जांच प्रभावित करने को डीवीआर में की गई थी छेड़छाड़
मदरसन विद्यालय में तैनात शिक्षक की मौत के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। बीएसए कार्यालय के सिस्टम के खेल में शिक्षक को अपनी जान तक देनी पड़ी और फिर शासन को संज्ञान में लेना पड़ा। जांच प्रभावित करने के लिए डीवीआर तक से छेड़छाड़ की गई, ताकि वास्तविक बात दब जाए। मामले में संदिग्ध माने जा रहे कर्मचारी से गोरखपुर पुलिस ने पूछताछ की तो कुछ और भी बातें सामने हैं। पुलिस अपने विवेचना में एक-एक बिंदु को सामने ला रही है।
कार्रवाई शुरू होते ही गायब हो गईं बीएसए
शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में जांच शुरू होने के कुछ ही समय में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव गायब हो गई थीं। बताया जाने लगा कि बीएसए हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहीं हैं। उन्होने हाईकोर्ट में राज्य सरकार और तीन अन्य के खिलाफ विरूद्ध याचिका भी दाखिल की थी। यह याचिका 24 फरवरी को दाखिल की गई थी, जबकि 25 फरवरी को इसका औपचारिक पंजीकरण किया गया था।
फरार क्लर्क भी बीएसए के गृह जनपद का
बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू संजीव सिंह बलिया का रहने वाला है। इसी जिले की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी रहने वाली हैं। सूत्रों का दावा है कि गृह जनपद के होने के नाते बीएसए संजीव पर ज्यादा मेहरबान थीं। उक्त लिपिक कार्यालय से लेकर आवास तक बीएसए के अधिकांश कार्यों को देखता था। प्रकरण में केस दर्ज होने के बाद से लिपिक के देवरिया स्थित आवास पर ताला लटका हुआ है।




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