बिना अनुमति हो रही नौटंकी को पुलिस ने कराया बंद, नाराज भाजपा विधायक धरने पर बैठे
सीतापुर में पुलिस की कार्यशैली से नाराज भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी शुक्रवार को कार्यकर्ताओं के साथ रामपुर मथुरा थाना पहुंचे। पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगा नारेबाजी करते हुए थाने में ही धरने पर बैठ गए।

यूपी के सीतापुर जिले में पुलिस की कार्यशैली से नाराज सेवता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी रविवार को कार्यकर्ताओं के साथ रामपुर मथुरा थाना पहुंचे। पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगा नारेबाजी करते हुए विधायक थाने में ही धरने पर बैठ गए। विधायक व उनके समर्थकों ने थाना प्रभारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विधायक को समझाने का प्रयास किया पर वह मानने को तैयार नहीं हुए।
एएसपी उत्तरी दुर्गेश सिंह ने जांच करा 24 घंटे के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिलाया तब जाकर विधायक माने। इस दौरान करीब चार घंटे तक रामपुर मथुरा थाने पर हंगामा चला। रामपुर मथुरा के सुरजनपुर में निषाद समाज की आरे से शनिवार रात गांव में नौटंकी का आयोजन था। बिना अनुमति हो रही नौटंकी को रामपुर मथुरा पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बंद करा दिया। कुछ लोगों को पुलिस थाने ले आई।
पुलिस पर लगाया भेदभाव का आरोप
लोगों को आरोप है कि चार दिन पहले समाजवादी पार्टी के समर्थकों द्वारा बिना परमिशन नौटंकी कराई गई थी, तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। यह बात निषाद समाज के लोगों ने सेवता विधायक ज्ञान तिवारी को बताई जिसपर रविवार दोपहर करीब एक बजे विधायक ज्ञान तिवारी अपने समर्थकों के साथ रामपुर मुथरा थाने आ गए। वह जमीन पर बैठकर पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विधायक ने पुलिसकर्मियों पर वसूली का आरोप भी लगाया। रामपुर मथुरा थाने के इंस्पेक्टर संजय पाण्डेय व सिपाही रवि शंकर यादव और विनोद कुमार पर वसूली का आरोप लगा कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये।
सीओ महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधायक को समझा बुझाकर शांत कराने का प्रयास किये पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। इस बीच एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह ने 24 घंटे के भीतर जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिलाया। तब जाकर विधायक ने धरना समाप्त किया। इस संबंध में सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने बताया, निषाद समुदाय के साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया है। उच्च अधिकारियों ने 24 घंटे में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। तय समय में कार्रवाई न हुई तो वह दोबारा प्रदर्शन करेंगे।
आशा कार्यकर्ताओं का धरना चौथे दिन भी जारी
वहीं दूसरी ओर शाहजहांपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनापुर में आशा कार्यकर्ताओं का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आशाओं ने आरोप लगाया कि उनसे विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लगातार कार्य लिया जाता है, लेकिन प्रोत्साहन राशि और मानदेय का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि टीवी, कुष्ठ, फाइलेरिया, आभा आईडी, गोल्डन कार्ड, जननी सुरक्षा और प्रसव सेवाओं से संबंधित प्रोत्साहन राशि लंबित है। उन्होंने बकाया भुगतान जारी करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, निर्धारित मानदेय, सुरक्षा की गारंटी और 50 लाख रुपये दुर्घटना बीमा की मांग उठाई।
बकाए भुगतान को लेकर प्रदर्शन
लगातार धरना प्रदर्शन के बाद भी आशा कार्यकत्रियों का मानदेय खाते में पहुंच नहीं पा रहा है। जिसको लेकर जिले के कई ब्लाक में आशा वर्कर्स ने धरना प्रदर्शन कर रही हैं। शनिवार को जिले के जैतीपुर, भावलखेड़ा, निगोही सहित कई ब्लाक में धरना प्रदर्शन कर रही हैं। उसी क्रम में जैतीपुर में आशा कार्यकत्रियों ने शनिवार को लगातार चौथे दिन भी प्रदर्शन किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर धरना दिया। कार्यकत्रियों ने बकाया भुगतान सहित अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की।आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि वे अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करती हैं, लेकिन उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है।




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