सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने ठाकुरद्वारा जाने से रोका, दलित उत्पीड़न के आरोपों को लेकर माहौल गरमाया
सांसद चंद्रशेखर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे अपने दल के स्योहारा क्षेत्र से ठाकुरद्वारा के लिए जाने का प्रयास कर रहे थे। तभी पुलिस अधिकारियों ने उनको रास्ते में ही यह कहकर रोक दिया कि वहां पर बहुत भीड़ है। मामला संवेदनशील हो सकता है। सांसद का कहना है कि वह लोगों की तकलीफ जानने के लिए जाना चाहते हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा के कल्याणपुर में दलित उत्पीड़न के आरोंपों को लेकर सियासी माहौल एक बार फिर गरमाया हुआ है। मंगलवार को नागीना संसदीय क्षेत्र के सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने उस समय ठाकुरद्वारा जाने से रोक दिया। सांसद चंद्रशेखर का कहना है कि वह दलित समाज के लोगों की वेदना सुनने और जानने के लिए उनके बीच जाना चाहते हैं। सांसद को रोककर पुलिस-प्रशासन ने अवध शुगर मिल के अतिथि गृह में बैठा दिया। इसके बाद से अधिकारी लगातार उन्हें मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सांसद चंद्रशेखर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे अपने दल के साथ बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र से ठाकुरद्वारा के लिए जाने का प्रयास कर रहे थे। तभी पुलिस अधिकारियों ने उनको रास्ते में ही यह कहकर रोक दिया कि वहां पर बहुत भीड़ है। मामला संवेदनशील हो सकता है। इसके बाद सांसद को चीनी मिल के अतिथि गृह लाया गया जहां पर लगभग तीन घंटे से प्रशासन और सांसद के बीच वार्ता कर उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह यूएस में थे तभी उन्हें एक वीडियो मिला जिसमें दर्शाया गया था कि ठाकुरद्वारा के एक गांव में अंबेडकर मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं दलित समाज के लोगों के ऊपर मुकदमे भी दायर किए गए।
सांसद ने कहा कि यह मामला पिछले महीने की 16/17 तारीख का है। उनके द्वारा पुलिस-प्रशासन को फोन करने के बाद दलित समाज की ओर से कुछ लोगों के विरुद्ध मुकदमे लिखे गए थे लेकिन दो दिन बाद ही उल्टे दलित समाज के लोगों को ही मुकदमों के बीच फंसा दिया गया। तब समाज के कुछ लोगों ने उन्हें वीडियो भेज कर कहा कि क्या वह उनके मरने के बाद आएंगे। सांसद ने कहा कि लोगों की इस वेदना ने उन्हें उद्वेलित कर दिया। वह समाज के लोगों दलित-पिछड़े और महिलाओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को जानना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें स्योहारा में ही रोक दिया।
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि प्रशासन चाहता है कि वह गांव से कुछ लोगों को प्रतिनिधि मंडल के रूप में बुलाकर उनसे वार्ता कर लें लेकिन चाहे जितना समय हो जाए वह लोगों के बीच जाकर उनकी संवेदनाओं और अत्याचारों को सुनेंगे। उनका कहना है कि वह गरीबों के नेता हैं। उनकी समस्याओं के लिए हमेशा से ही वह सचेत रहे हैं। उनको न्याय दिलाने में उनकी पार्टी कभी पीछे नहीं रहेगी।
शाम को साढ़े पांच बजे तक सांसद चंद्रशेखर आजाद चीनी मिल गेस्ट हाउस में बैठे हुए थे। कुछ लोग गांव से प्रतिनिधि मंडल को बुलाने के लिए गए थे। सांसद चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि चाहे पूरी रात निकल जाए। वह लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को जरूर जानेंगे और उसका निराकरण करेंगे। मौके पर मुरादाबाद और बिजनौर के पुलिस दल के अधिकारी मौजूद हैं।




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