यूपी में 33 साल से बिना नागरिकता रह रही पाकिस्तानी महिला को जेल, बेटी को मिली राहत
मेरठ में पाकिस्तानी महिला को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में मंगलवार को जेल भेज दिया। वहीं, उनकी बेटी को राहत मिली है। दरअसल, पुलिस ने गलत तरीके से वोटर कार्ड बनवाने के आरोप में सबा मसूद को सोमवार को गिरफ्तार किया था और मंगलवार को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया।

यूपी के मेरठ में पाकिस्तानी महिला सबा मसूद को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में मंगलवार को जेल भेज दिया। देहली गेट पुलिस ने गलत तरीके से वोटर कार्ड बनवाने के आरोप में सबा मसूद को सोमवार को गिरफ्तार किया था और मंगलवार को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस पर बिना छानबीन गिरफ्तारी का आरोप लगाया। सबा मसूद की बेटी एमन फरहत को भी गलत आरोपी बनाने का आरोप लगाया। सबा की जमानत के लिए अर्जी लगाई गई है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होनी है।
जली कोठी निवासी रुकसाना खान पत्नी अयाज खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के लाहौर निवासी सबा मसूद का निकाह मेरठ के देहली गेट स्थित 302/13 नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद से हुआ था। 1993 में सबा ने पाकिस्तान में बेटी एमन फरहत को जन्म दिया था। 25 मई 1993 को सबा अपनी बेटी एमन के साथ पाकिस्तानी पासपोर्ट पर पर मेरठ आई थी। इसके बाद से सबा और उनकी बेटी मेरठ में रह रहे हैं, लेकिन सबा को भारतीय नागरिकता नहीं मिली।
बैंक खातों का रिकार्ड भी मांगा
सबा के पिता हनीफ अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई में कार्यरत बताया गया था। आईबी, इंटेलिजेंस टीम छानबीन कर रही है। सबा के परिजनों से सभी संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और आज तक इस्तेमाल किए मोबाइल नंबरों का रिकार्ड मांगा है। एमन और सबा का कहां-कहां आना जाना हुआ यह भी पता किया जा रहा है।
अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान भेजा जासूस इकबाल भट्टी
उधर, पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी को मंगलवार दोपहर अटारी बार्डर से पाकिस्तान भेज दिया गया है। पुलिस आरोपी को सुरक्षा में लेकर पहुंची, जहां कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इकबाल भट्टी को पाकिस्तानी रेंजर्स के हवाले कर दिया। बता दें कि साल 2008 में पंजाब की पटियाला पुलिस ने महानगर के मोहल्ला हकीकतनगर से पाकिस्तानी जासूस शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल को गिरफ्तार किया था।
मूल रूप से पाकिस्तान के कसूर जिले का निवासी इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल हकीकतनगर स्थित श्मशान के बराबर में किराए के मकान में रहता था। उसने यहां पर कंप्यूटर सेंटर भी खोल लिया था। आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके पास वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, भारतीय बैंकों की पासबुक और चेक बुक सहित तमाम दस्तावेज मिले थे, जिसके आधार पर उसने भारत की नागरिकता प्राप्त कर ली थी। आरोपी ने लोगों के साथ भी नजदीकि संबंध बना लिए थे। किसी को यकीन भी नहीं था कि इकबाल भट्टी पाकिस्तानी जासूस है।




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