पाकिस्तानी गैंगस्टर का टेरर मॉड्यूल युवाओं को बना रहा आतंकी साजिश का हिस्सा, ATS जांच में खुलासा
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले 2 आरोपियों समीर खान निवासी दिल्ली और तुषार चौहान निवासी मेरठ की गिरफ्तारी तीन दिन पहले की थी। दोनों के पास से पिस्टल, कारतूस और कुछ मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।

UP News : पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और आईएसआई एजेंट सोशल मीडिया पर नेटवर्क खड़ाकर देश के युवाओं को आतंकी साजिश का हिस्सा बना रहे हैं। इस मॉड्यूल को एटीएस ने गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल नाम दिया है, साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है। एटीएस की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। यह भी पता चला है कि आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार किए समीर खान और तुषार चौहान दोनों ही पाकिस्तान के दर्जनभर नंबरों के संपर्क में थे। इन नंबरों से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत होती थी। ज्यादातर नंबर का इस्तेमाल शहजाद भट्टी और आईएसआई के अफसर कर रहे हैं। जांच में तीन फोन नंबर वर्चुअल नंबर पाए गए हैं।
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले दो आरोपियों समीर खान निवासी दिल्ली और तुषार चौहान निवासी मेरठ की गिरफ्तारी तीन दिन पहले की थी। दोनों के पास से पिस्टल, कारतूस और कुछ मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनका संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से हुआ था। बाद में इन्हीं लोगों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर से दोनों आरोपियों तुषार और समीर की बातचीत कराई थी। इसके बाद से लगातार आईएसआई एजेंट तुषार और समीर के साथ +92 कोड वाले नंबरों से संपर्क में थे। इन नंबरों के माध्यम से वीडियो कॉल की जाती थी।
बातचीत के दौरान दिखाए गए थे हथियार
एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वीडियो कॉल के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के कुछ अफसर तुषार से बातचीत करते थे। तुषार और समीर को कुछ हथियार जैसे एके-47, हैंड ग्रेनेड और कुछ विदेशी पिस्टल दिखाई गई थी। इसके अलावा इन्हें कुछ घटनाएं अंजाम देने और आरएसएस समेत भाजपा कार्यालयों पर ग्रेनेड हमले के लिए निर्देश दिए थे।
दक्षिण भारत में सक्रिय है स्लीपर मॉड्यूल
एटीएस अफसरों की मानें तो दक्षिण भारत में इसी गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल ने बड़ा स्लीपर मॉड्यूल खड़ा किया है। इसी स्लीपर मॉड्यूल ने कुछ लोगों को पैसा देने, लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए उनके मोबाइल फोन हैक करने समेत कई घटनाएं अंजाम दी हैं। हापुड़ में पकड़े गए अजीम राणा को भी हैदराबाद में स्लीपर मॉड्यूल के कुछ सदस्यों ने रकम उपलब्ध कराई थी। ऐसे में एनआईए से डाटा साझा किया गया है।
गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट का है मॉड्यूल
एटीएस, आईबी और एनआईए समेत बाकी एजेंसी ने पिछले कुछ माह में ऐसे संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जिनका संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से है। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से ही देश के युवाओं को बरगलाने और अपने साथ मिलाने का काम कर रहे हैं। हापुड़ और मेरठ से दो भाइयों की गिरफ्तारी पूर्व में की गई थी। इसके अलावा अंबाला में भी आरडीएक्स में तीन आरोपी धरे गए थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के कहने पर रेलवे स्टेशन और आर्मी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगा रहा था। अब दो आरोपियों तुषार और समीर की गिरफ्तारी हुई है। जिस तरह से ये पूरा नेटवर्क काम कर रहा है, उसे एटीएस ने गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल नाम दिया है।




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