Out of 140 police stations in the Gorakhpur Basti range only one has a woman SHO योगी आदित्यनाथ का महिला थानेदार फार्मूला टूटा, गोरखपुर-बस्ती रेंज के 140 थानों में सिर्फ एक पर तैनाती, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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योगी आदित्यनाथ का महिला थानेदार फार्मूला टूटा, गोरखपुर-बस्ती रेंज के 140 थानों में सिर्फ एक पर तैनाती

यूपी के हर जिले में सामान्य थानों पर कम से कम एक महिला थानेदार की तैनाती का फार्मूला पूर्वांचल में टूटता हुआ दिख रहा है। स्थिति यह है कि गोरखपुर-बस्ती रेंज के सात जिलों के कुल 140 थानों में वर्तमान में सिर्फ एक थाने  पर ही महिला थानेदार तैनात हैं।

Mon, 16 Feb 2026 11:00 AMPawan Kumar Sharma विवेक पांडेय, गोरखपुर
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योगी आदित्यनाथ का महिला थानेदार फार्मूला टूटा, गोरखपुर-बस्ती रेंज के 140 थानों में सिर्फ एक पर तैनाती

यूपी के हर जिले में सामान्य थानों पर कम से कम एक महिला थानेदार की तैनाती का फार्मूला पूर्वांचल में लगभग टूटता हुआ दिख रहा है। स्थिति यह है कि गोरखपुर-बस्ती रेंज के सात जिलों के कुल 140 थानों में वर्तमान में सिर्फ एक थाने-सिद्धार्थनगर की जोगिया कोतवाली पर ही महिला थानेदार तैनात हैं। गोरखपुर में तो पिछले छह महीनों से किसी भी महिला निरीक्षक को थाने का चार्ज नहीं दिया गया है। यहां इंस्पेक्टर अर्चना सिंह को खजनी थाने से हटाए जाने के बाद किसी महिला को पुनः थाना प्रभारी नहीं बनाया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर 2023 में सुझाव दिया था कि हर जिले में कम से कम एक सामान्य थाने पर महिला थानेदार की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके बाद 2023 से 2025 तक लगभग सभी जिलों में एक-एक थाने पर महिला निरीक्षकों और उप निरीक्षकों को चार्ज दिया गया।

गोरखपुर में इसकी शुरुआत तिवारीपुर थाने से हुई थी और यह व्यवस्था करीब छह महीने पहले तक खजनी थाने पर कायम रही। वर्तमान स्थिति में सिद्धार्थनगर जिले की जोगिया कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक मीरा चौहान को छोड़ दिया जाए, तो गोरखपुर-बस्ती रेंज के अन्य किसी भी जिले में महिला थानेदार के पास सामान्य थाने की जिम्मेदारी नहीं है।

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इंस्पेक्टर कम, महिला सब इंस्पेक्टरों की अच्छी संख्या

गोरखपुर-बस्ती रेंज के सातों जिलों में महिला इंस्पेक्टरों की संख्या महज सात के आसपास बताई जा रही है। कुछ जिलों में तो एक भी महिला इंस्पेक्टर तैनात नहीं है। हालांकि महिला सब इंस्पेक्टरों की संख्या अच्छी खासी है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनुभव की कमी और पद की बाध्यता के चलते उन्हें थाना प्रभारी की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा रही है। महिला निरीक्षकों की कमी को ही इस फार्मूले के फेल होने की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।

एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने बताया कि यह व्यवस्था पूर्व में थी पर वर्तमान में क्यों तैनाती नहीं की जा रही है, इस पर जिलों के पुलिस कप्तानों से बात कर दोबारा व्यवस्था को बहाल कराया जाएगा। कोशिश होगी कि हर जिले में कम से कम एक महिला थानेदार को चार्ज दिया जाए।

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महिला अधिकारियों की संख्या

* गोरखपुर - 2 महिला इंस्पेक्टर, 75 महिला सब इंस्पेक्टर

* बस्ती- 2 महिला इंस्पेक्टर, 4 महिला सब इंस्पेक्टर

* कुशीनगर- 1 महिला इंस्पेक्टर, 18 महिला सब इंस्पेक्टर

* संतकबीरनगर 1 महिला इंस्पेक्टर, 8 महिला सब इंस्पेक्टर

* सिद्धार्थनगर -1 महिला इंस्पेक्टर, 4 महिला सब इंस्पेक्टर

* देवरिया- शून्य महिला इंस्पेक्टर, 28 महिला सब इंस्पेक्टर

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