डीजीपी की सख्ती का असर, पुलिस ने एक हफ्ते में 'ढूंढ' निकाले 2275 गुमशुदा
गोरखपुर पुलिस ने गुमशुदा लोगों का सत्यापन अभियान चलाया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डीजीपी के पूछे जाने पर पुलिस ने एक हफ्ते के भीतर 2275 गुमशुदा लोगों को ढूंढ निकाला। ज्यादातर अपने घर लौट चुके थे या उनके परिजनों को उनके बारे में जानकारी थी।

परिवार के किसी सदस्य के अचानक लापता होने पर परिवारीजनों ने पुलिस में गुमशुदगी तो दर्ज करा दी, लेकिन जब वे लौट आए तो पुलिसवालों को बताने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, इन मामलों में पुलिस भी कम लापरवाह नहीं रही। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद उसने अपने स्तर से ज्यादा कुछ नहीं किया।
यही वजह है कि गुमशुदा घर लौटे की नहीं, इसकी जानकारी उन्हें थी ही नहीं। अब जब गुमशुदगी को लेकर सख्ती हुई तो गोरखपुर पुलिस ने एक हफ्ते में 2275 गुमशुदा ‘ढूंढ’ डाले। हालांकि 320 अब भी लापता हैं पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ही लापता की सही संख्या सामने आएगी।
दिल्ली में 800 लोगों के लापता होने पर मची थी सनसनी
दरअसल, पिछले दिनों दिल्ली में अचानक आठ सौ लोगों के लापता होने की सनसनी फैली थी। पता चला कि यह सिर्फ अफवाह थी। यह मामला कहां से आया, इसकी जांच चल रही थी कि इस बीच पुलिस मुख्यायल ने यूपी के हर जिलों से लापता लोगों की डेटा जांच किया तो संख्या काफी ज्यादा दिखी। इसके बाद डीजीपी की ओर से डाटा ऑनलाइन फीड करने का निर्देश दिया गया। सख्ती के बाद पिछले सप्ताह से गुमशुदा लोगों की तलाश का अभियान चलाते हुए पुलिस ने ऑन लाइन डेटा फीडिंग का शुरू किया है, जो अब भी जारी है।
26 महीने में करीब 2595 लापता
एक जनवरी 2024 से 5 फरवरी 2026 तक करीब 26 महीने में जिले में दर्ज की गई कुल गुमशुदगी का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो यह संख्या 2595 के करीब थी। इसमें से कितने बरामद हुए, इसका सही डेटा पुलिस के पास नहीं था। गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के लिए हर थाने से पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की और सत्यापन कराना शुरू किया तो पता चला कि 2275 गुमशुदा व्यक्ति अपने लौट आए हैं या फिर उनके घरवालों को पता है कि वे कहां पर हैं। लेकिन परिजनों ने सूचना पुलिस को नहीं दी। कई मामलों में पुलिस ने भी फॉलोअप नहीं किया। नतीजतन, रिकॉर्ड में वे लोग अब भी ‘लापता’ बने रहे।
320 का अब भी पता नहीं
सत्यापन के दौरान घर-घर जाकर स्थिति स्पष्ट करने करने के बाद शुक्रवार शाम तक 320 के करीब व्यक्ति अब भी लापता मिले हैं। इनमें ज्यादातर मानसिक रूप से बीमार हैं, इनके सत्यापन का क्रम जारी है। माना जा रहा है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संख्या और कम हो जाएगी। इस मामले में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, पुलिस को घर-घर भेजकर सत्यापन कराया जा रहा है, पता चला है कि ज्यादातर लोग अपने घर लौट चुके हैं, जो अभी नहीं आए हैं उनके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।




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