हाथरस में NSG कमांडो की सड़क हादसे में मौत; पेड़ से बेकाबू थार टकराई, पठानकोट में पोस्टेड थे
योगेंद्र सिंह वर्ष 2010 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती पठानकोट में थी। वह करीब 25 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी एकता सिंह, पांच साल की बेटी और चार महीने का बेटा है। परिजनों के अनुसार योगेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे।

हाथरस में सड़क हादसे में 32 वर्षीय एनएसजी कमांडो की मौत हो गई, जबकि उनके तीन दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शुक्रवार तड़के सादाबाद थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब चारों दोस्त होली खेलने के बाद मथुरा लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक मथुरा जिले के राया क्षेत्र निवासी योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा एनएसजी कमांडो थे। वह गुरुवार को अपने दोस्तों विष्णु कुमार, सत्यवीर सिंह और जीतू के साथ हाथरस में रहने वाले एक मित्र के घर होली खेलने आए थे। पूरे दिन होली का त्योहार मनाने के बाद चारों दोस्त देर रात वापस मथुरा लौटने के लिए निकले।
पेड़ से टकराई बेकाबू थार, NSG कमांडो की मौत
बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे जब उनकी थार सादाबाद थाना क्षेत्र के पल्हावत गांव के पास पहुंची, तभी अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी के गेट और पहिए तक अलग हो गए। वाहन के एयरबैग खुलने के बावजूद उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चारों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया।
तीन घायल दोस्तों का इलाज जारी
आगरा पहुंचने के बाद परिजन योगेंद्र सिंह को मथुरा के मिलिट्री हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं अन्य तीनों घायल दोस्तों का आगरा में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि विष्णु कुमार भारतीय नौसेना में तैनात हैं और उनकी पोस्टिंग विशाखापत्तनम में है, जबकि सत्यवीर सिंह और जीतू मथुरा के ही रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार हादसे के समय वाहन की रफ्तार करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होने की आशंका है, जिसके कारण चालक नियंत्रण खो बैठा और यह भीषण दुर्घटना हो गई।
परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा
योगेंद्र सिंह वर्ष 2010 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती पठानकोट में थी। वह करीब 25 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी एकता सिंह, पांच साल की बेटी और चार महीने का बेटा है। परिजनों के अनुसार योगेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और 31 मार्च 2026 को उनकी सेवा के 15 वर्ष पूरे होने वाले थे, जिसके बाद वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने की योजना बना रहे थे। लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। वहीं कमांडो की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है।




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