यूपी में अब फर्जी महिला IAS सामने आए कारनामे, रिश्तेदारों को भी ठगा; बिकवा दिए घर-ट्रैक्टर
फर्जी महिला आईएएस पर 3 रिश्तेदारों समेत 5 युवाओं से 45 लाख रुपये की ठगी के आरोप में चार मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोपियों के जाल में फंसे रिश्तेदारों ने उनकी बातों में आकर मकान और ट्रैक्टर तक बेच दिए। डॉ. विप्रा शर्मा गैंग के खिलाफ नित्य नये मामले सामने आ रहे हैं।

UP News : फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा शर्मा और उसके परिवार वालों ने अपने रिश्तेदारों को भी चूना लगाया। यूपी के बरेली के बारादरी थाने में तीन रिश्तेदारों समेत पांच युवाओं से 45 लाख रुपये की ठगी के आरोप में चार मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोपियों के जाल में फंसे रिश्तेदारों ने उनकी बातों में आकर मकान और ट्रैक्टर तक बेच दिए।
डॉ. विप्रा शर्मा गैंग के खिलाफ लगातार नये मामले सामने आ रहे हैं। अब दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें इस गैंग से जुड़े लोगों ने रिश्तेदारों को नौकरी का झांसा देकर उनके मकान और ट्रैक्टर जैसी चीजें तक बिकवा लीं और उन्हें कर्ज के जाल में फंसा दिया। अलीगढ़ में देहली गेट के मोहल्ला छिपैटी स्थित अग्रवाल कूंचा निवासी मुकेश कुमार शर्मा ने ग्रीन पार्क में रहने वाली डॉ. विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा पाठक और पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुकेश का कहना है कि वह अपने बेटे तरुण भारद्वाज और यश भारद्वाज की नौकरी के लिए भटक रहे थे तो उनके साले के समधी वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि उसकी बेटी डॉ. विप्रा बीडीओ है और उसकी सचिवालय दिल्ली तक पहुंच है।
बेटी के जरिए कंप्यूटर सहायक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और उसका खर्चा 20 लाख बताया। इतनी रकम नहीं थी तो उन्होंने बेटों के भविष्य की खातिर अपना मकान बेचकर रकम दे दी। इसके बाद आरोपियों ने नियुक्ति के नाम पर फर्जी पत्र थमा दिए, जो जांच में फर्जी पाए गए। इसी तरह तीनों आरोपियों ने संभल में रजपुरा के गांव नरियावली निवासी प्रवेश कुमार से उनके बेटे धर्मेंद्र की नौकरी का झांसा देकर वर्ष 2022 में दस लाख रुपये की ठगी की। विप्रा को एसडीएम बताकर शिखा के पति वरुण पाठक ने कंप्यूटर सहायक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया तो उन्होंने ट्रैक्टर बेचकर और कर्जा लेकर यह रकम दी। मगर काफी टोलमटोल के बाद उन्हें भी फर्जी नियुक्तिपत्र दे दिया।
पीलीभीत के युवक से ठगे 14 लाख रुपये
पीलीभीत में थाना बीसलपुर निवासी कनिष्क सिन्हा ने विप्रा शर्मा पर रिपोर्ट लिखाई है। आरोप है कि विप्रा ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर उनकी पत्नी प्रियंका सक्सेना की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये की ठगी की। इसमें आठ लाख नकद और छह लाख ऑनलाइन दिए गए। उन्होंने भी डाक व ऑनलाइन माध्यम से फर्जी नियुक्तिपत्र भेजे गए।
सुहानुभूति दिखाकर ड्राइवर से की ठगी
बारादरी के मोहल्ला जगतपुर निवासी अमान खान ने भी विप्रा शर्मा पर एक लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। अमान ड्राइवर हैं और नवंबर 2025 में विप्रा शर्मा के साथ गए थे। इसके बाद वह कई बार उन्हें लेकर गई और अपने प्रभाव में ले लिया। बाद में सुहानुभूति जताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर दिसंबर 2025-फरवरी 2026 के बीच एक लाख रुपये ठग लिए।
अब तक दर्ज हो चुके हैं 29 मुकदमे
बता दें कि बारादरी पुलिस ने 28 अप्रैल को फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा और ममेरी बहन दीक्षा पाठक को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। डॉ. विप्रा शर्मा इस गैंग की सरगना है, जो खुद को आईएएस बताती थी। अब तक इस गैंग के खिलाफ बारादरी, सुभाषनगर और किला थाने में 29 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।




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