यूपी पंचायत चुनाव : इस जिले में 10 लाख से अधिक वोटरों की होगी जांच, चुनाव आयोग ने भेजी लिस्ट
चुनाव आयोग ने तीसरी बार 10,33,655 संदिग्ध वोटरों की लिस्ट देवरिया में भेजी है। इस समय BLO इसकी जांच कर रहे हैं। अब तक कुल नामों में से केवल 36,4012 वोटरों की ही जांच हो सकी है, जबकि 6,69,643 वोटरों की जांच होना अभी बाकी है। समय कम होने के कारण 28 मई तक इस काम को पूरा करना एक बड़ी चुनौती है।

UP Panchayat Election : उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को देखते हुए, राज्य चुनाव आयोग ने देवरिया जिले के 16 ब्लॉकों में रहने वाले 10,33,655 ऐसे वोटरों की जांच (सत्यापन) करने के आदेश दिए हैं, जिनके नाम दो जगह दर्ज होने या फर्जी होने का शक है। अभी तक इनमें से केवल 3,64,012 वोटरों के नामों की ही जांच हो पाई है। चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि 28 मई तक हर हाल में यह काम पूरा कर लिया जाए। वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने के अभियान (2025-26) के तहत, आयोग ने तीसरी बार इन संदिग्ध नामों की जांच करने को कहा है। पंचायत चुनावों के मद्देनजर, जिले के 16 ब्लॉकों की 1121 ग्राम पंचायतों के वोटरों की एक शुरुआती (अनंतिम) लिस्ट पहले ही जारी की जा चुकी है।
इसी बीच, चुनाव आयोग ने तीसरी बार 10,33,655 संदिग्ध वोटरों की लिस्ट जिले में भेजी है। इस समय बीएलओ घर-घर जाकर इसकी जांच कर रहे हैं। अब तक कुल नामों में से केवल 36,4012 वोटरों की ही जांच हो सकी है, जबकि 6,69,643 वोटरों की जांच होना अभी बाकी है। समय कम होने के कारण 28 मई तक इस काम को पूरा करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।
किस ब्लॉक में कितने वोटरों की जांच पूरी हुई?
कुल मिलाकर देवरिया में अब तक केवल 35.22 प्रतिशत जांच का काम ही पूरा हो पाया है। अब तक ब्लॉक के हिसाब से जो जांच पूरी हो चुकी है, उसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
ब्लॉक का नाम जांच पूरे हो चुके वोटरों की संख्या
भटनी 64,936
सलेमपुर 42,848
बनकटा 29,565
रुद्रपुर 25,725
भाटपाररानी 24,758
भलुअनी 23,958
लार 23,177
देवरिया सदर 22,541
गौरीबाजार 20,696
रामपुर कारखाना 20,638
बैतालपुर 12,723
भागलपुर 12,015
बरहज 11,255
देसही देवरिया 10,967
पथरदेवा 9,520
तरकुलवा 8,662
दूसरे चरण की जांच में कटे थे लगभग 57 हजार नाम
इससे पहले, दूसरे चरण की जांच के लिए चुनाव आयोग ने जिले में 10 लाख 39 हजार 81 संदिग्ध वोटरों की लिस्ट भेजी थी। उस दौरान सभी 16 ब्लॉकों में की गई जांच के बाद, लगभग 57 हजार ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए थे जो फर्जी थे या जिनके नाम दो जगह दर्ज थे।
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग तीन महीने में देगा रिपोर्ट
उधर, योगी आदित्यनाथ द्वारा 18 मई को हुई कैबिनेट बैठक में पंचायत चुनाव के आरक्षण के लिए समर्पित ओबीसी आयोग को मंजूरी दे दी गई। योगी कैबिनेट के इस फैसले से उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल बढ गई है। माना जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहा तो इस साल अक्टूबर-नवंबर तक पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं। सरकार द्वारा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक आयोग तीन महीने या राज्य सरकार द्वारा तय की गई तारीख तक रिपोर्ट देगा। राज्य सरकार यह अवधि बढ़ा भी सकती है।




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