बलि देनी थी मुझे....पड़ोसी ने एक महीने की बच्ची को दादा की गोद से छीनकर जमीन पर पटका
वाराणसी में एक महीने की मासूम बच्ची का बलि देने की कोशिश की गई। दरअसल, सारनाथ थाना क्षेत्र में एक महीने की बच्ची को उसके दादा की गोद से छीनकर पड़ोसी ने दो बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक महीने की मासूम बच्ची का बलि देने की कोशिश की गई। दरअसल, सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा गांव की वनवासी बस्ती में शनिवार रात एक महीने की बच्ची को उसके दादा की गोद से छीनकर पड़ोसी विकास यादव ने दो बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
आरोपी ने बच्ची को बलि देने की नियत से जान से मारने का प्रयास किया। घटना की जानकारी बस्ती और आसपास के इलाके में फैलते ही स्थानीय लोगों ने अकथा चौराहे को जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और आरोपी विकास यादव को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्ची की दादी के अनुसार, बच्ची का जन्म 7 मई को हुआ था। शनिवार देर शाम बच्ची के दादा पप्पू उसे लेकर टहल रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी विकास यादव वहां पहुंचा और बच्ची को छीनकर दो बार जमीन पर पटक दिया। बच्ची के पिता राजेश मूर्ति बनाने का काम करते हैं।
बलि देने की नियत से बच्ची को पटका
पूछताछ में आरोपी विकास यादव ने बताया कि उसने बलि देने की नियत से यह घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके माता-पिता से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है कि उसने ऐसा क्यों किया या किसी के कहने पर किया था। वहीं, पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
मां ने बच्चों के साथ खाया जहर
उधर, फतेहपुर के धौरहरा गांव में पति की प्रताड़ना से परेशान हो मां बच्चों के जहर खाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को आरोपी पति, सास और जेठानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं पुलिस की मौजूदगी में एक वर्षीय मासूम का अंतिम संस्कार हुआ।
बता दें कि धौरहरा निवासी रज्जन निषाद की पत्नी राजकली ने मंगलवार को अपने छह वर्षीय बेटे छोटू उर्फ राज, एक वर्षीय बेटे सौरभ को जहर खिलाने के बाद खुद भी जहर खा लिया था। राज की उसी दिन अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं राजकली और सौरभ ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा। राजकली और राज का अंतिम संस्कार एक साथ हुआ था। सौरभ का अंतिम संस्कार शनिवार को यमुना घाट किनारे हुआ। पुलिस ने राजकली के पिता की तहरीर पर पति समेत ससुरालीजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिये उकसाने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने शुक्रवार को पति रज्जन, सास शिवदुलारी और जेठानी गीता को हिरासत में लिया था। शनिवार को मासूम के शव के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेजा गया।




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