मुझसे बड़ा अपराध हो गया, माफ कर दो...पत्नी के पैरों पर गिर फूट-फूटकर रोया बेटे का हत्यारोपी पिता
रात में प्रियांशु नीचे कमरे में सो रहा था, जबकि छोटे भाई 13 वर्षीय आर्यन और 10 वर्षीय अंशू छत पर थे। पप्पू ने भोर में सोते समय प्रियांशु के सिर और चेहरे पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह भाग गया। पप्पू ने जीने पर लगा दरवाजा भी बंद कर दिया था, ताकि छत पर सो रहे बेटे नीचे न आ सकें।

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक पिता ने पत्नी से अवैध संबंधों के शक में अपने हाथों से 19 साल के बेटे की निर्मम हत्या कर दी थी। रविवार को जेल भेजने से पहले पुलिस ने हत्यारोपी पिता का उसकी पत्नी से सामना कराया तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा। पुलिस के अनुसार, पत्नी रंजना के सामने आते ही हत्यारोपी गिरीश चंद्र उर्फ पप्पू फूट-फूट कर रो पड़ा। रोते हुए पत्नी के पैरों पर गिर गया और अपने किए के लिए माफी मांगने लगा। कहा कि उससे बहुत बड़ा अपराध हो गया है।
घटना, प्रयागराज के करेली की चाट गली में हुई थी। बेटे की हत्या करने वाले बाप गिरीश चंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल को शक और गुस्से ने उसे इस कदर अंधा कर दिया था कि वह अपने ही हाथों अपने जिगर के टुकड़े को मार डाला। वह कैसे लोगों को मुंह दिखाएगा। पति के ही हाथों बेटे की हत्या के दोहरे गम में डूबी रंजना के भी आंसू बहते रहे। बता दें, करेली की चाट गली में किराए के मकान में रहने वाले पप्पू जायसवाल ने अवैध संबंध के शक में अपने बड़े बेटे 19 वर्षीय प्रियांशु की शुक्रवार रात बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसने सोते समय जूसर के हैंडल से बेटे का सिर और चेहरा कूच दिया था। घटना के वक्त घर में पप्पू के दो छोटे बेटे थे, जो छत पर सो रहे थे। पत्नी रंजना मायके मीरापुर में थी। घटना को अंजाम देने के बाद घर में ताला बंद कर पप्पू भाग गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
मां-बेटे के संबंधों पर शक करता था हत्यारोपी
मूलरूप से नैनी के चाका निवासी गिरीश चंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल करेली में किराये के मकान में पत्नी रंजना और तीन बेटों के साथ रहता था। उसका बड़ा बेटा प्रियांशु सब्जी का ठेला लगाता था। पुलिस के मुताबिक, पप्पू नशेड़ी है और अक्सर पत्नी रंजना देवी के चरित्र पर शक कर उससे मारपीट करता था। पुलिस के मुताबिक उसे बेटे पर भी शक था। शुक्रवार रात भी उसने पत्नी से झगड़ा किया। इसके बाद प्रियांशु अपनी मां को मीरापुर स्थित मायके छोड़ आया। इस बात से पप्पू काफी नाराज था। रात में प्रियांशु नीचे कमरे में सो रहा था, जबकि छोटे भाई 13 वर्षीय आर्यन और 10 वर्षीय अंशू छत पर थे। भोर में पप्पू ने सोते समय प्रियांशु के सिर और चेहरे पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। बेटे की हत्या के बाद बाहर से ताला लगाकर वह भाग गया। पप्पू ने जीने पर लगा दरवाजा भी बंद कर दिया था, ताकि छत पर सो रहे बेटे नीचे न आ सकें। सुबह दोनों बेटे जगे तो सीढ़ी का दरवाजा बंद पाकर आंगन में झांका तो दरवाजे के नीचे से खून बहता देखा। शोर मचाने पर पड़ोसी पहुंचे और दोनों को छत से नीचे उतारा।
छोटे बेटों ने मां को फोन कर दी जानकारी
बाहर आकर बेटों ने मां रंजना को फोन किया। रंजना मायकेवालों के साथ घर पहुंची और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ताला तोड़वाकर घर में घुसी तो कमरे में प्रियांशु का रक्तरंजित शव पड़ा मिला। हत्या की सूचना पर डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने भी मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। बाद में पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया।




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