भारत के इतिहास में क्या बेबस बेटी का आखिरी खत भी दर्ज होगा? नीट स्टूडेंट की आत्महत्या पर भड़के अखिलेश
नीट छात्रा की आत्महत्या को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि क्या विकसित भारत के इतिहास में बेबस बेटी का आखिरी खत भी शामिल होगा। साथ ही भाजपा समर्थकों से अपील भी की कि क्या ये पत्र भी आपकी आंखें नहीं खोल सकता है?

UP News: मध्य प्रदेश की रहने वाली नीट छात्रा की आत्महत्या को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा है कि क्या विकसित भारत के इतिहास में बेबस बेटी का आखिरी खत भी शामिल होगा। बता दें कि नीट एग्जाम का पेपर लीक होने कई परिक्षार्थियों ने आत्मघाती कदम उठाया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अखिलेश ने कहा जब भाजपा के राज में विकसित भारत के झूठ का इतिहास लिखा जाएगा, तब क्या एक बेबस बेटी का ये आख़िरी ख़त भी लगाया जाएगा। भाजपा समर्थकों से सीधी अपील : क्या ये पत्र भी आपकी आँखें नहीं खोल सकता है?'
दरअसल, मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 18 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी ने पेपर लीक से दुखी होकर आत्महत्या कर ली। मौके पर मिले सुसाइट नोट में उसने नीट परीक्षा के बारे में लिखा था। उसने लिखा, 'मम्मी-पापा...आपका मुझ पर भरोसा था कि मैं बायो पढ़ लूंगी और डॉक्टर बनूंगी पर दोबारा नीट देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में मेरे अच्छे मार्क्स आ रहे थे पर अब दोबारा पेपर अच्छा जाए इसकी क्या गारंटी। सॉरी मम्मी-पापा..मैंने सब बर्बाद कर दिया।'

जानकारी के मुताबिक आकांक्षा महराष्ट्र के नागपुर में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थी। 20 मई को उसने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। इस घटना के कुछ दिन बाद परिजनों को सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उसने मां-बाप से माफी मांगी थी। परिजनों की मानें तो आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी। पेपर लीक के बाद वह गहरे सदमें में चली गई थी। यहां तक कि खाना पीना भी छोड़ दिया था।
लखीमपुर में भी छात्र ने की थी आत्महत्या
इससे पहले लखीमपुर खीरी में भी नीट की परीक्षा रद्द होने से परेशान एक छात्र ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव 14 मई की सुबह को गंगोत्री नगर मोहल्ला स्थित घर में लटकता मिला। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर कटौली निवासी भट्ठा व्यवसायी अनूप कुमार मिश्रा का 20 वर्षीय बेटा ऋतिक मिश्रा नीट की तैयारी कर रहा था। उसने दो बार नीट की परीक्षा दी, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया। इस बार फिर वह नीट में बैठा था। ऋतिक ने परिजनों को बताया था कि इस बार उसका पेपर अच्छा हुआ है। अनूप मिश्रा ने बताया कि नीट का पेपर रद्द होने की सूचना के बाद से वह परेशान था। बुधवार दोपहर लखीमपुर जाने बात कहकर वह गांव से निकला था। गुरुवार सुबह परिजनों को पता चला कि ऋतिक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंचे परिजन कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और खिड़की से गमछे के सहारे लटकते शव को नीचे उतारा।




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