NEET UG RE Exam 2026 : नीट री एग्जाम के प्रश्न पत्रों की वायरल तस्वीरों पर आया NTA का बयान, लिया यह फैसला
NEET 2026 examination allegations : नीट यूजी आयोजित करने वाली परीक्षा एजेंसी एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने वायरल प्रश्न पत्रों की तस्वीरों पर बुधवार को कहा कि इनकी जांच और कार्रवाई के लिए साइबर क्राइम को रिपोर्ट की जा रही है।

NEET UG RE Exam 2026: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं नीट यूजी 2026 री एग्जाम के कथित प्रश्न पत्रों की वायरल तस्वीरों ने छात्रों को एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। नीट यूजी आयोजित करने वाली परीक्षा एजेंसी एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने वायरल प्रश्न पत्रों की तस्वीरों पर बुधवार को कहा कि इनकी जांच और कार्रवाई के लिए साइबर क्राइम को रिपोर्ट की जा रही है। एनटीए का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रिंस श्रीवास्तव नाम के एक यूजर के पोस्ट पर आया है जिसमें नीट यूजी री एग्जाम का प्रश्न पत्र लीक के दावों की शिकायत की गई है। यूजर ने एनटीए को टैग करते हुए लिखा था, 'मेरे पास कुछ टेलीग्राम पेज हैं, जिन्हें एक ही व्यक्ति मैनेज करता है। वे री नीट 2026 के प्रश्न पत्रों के लिंक बेच रहे हैं। कृपया इस पर उचित कार्रवाई करें।' यूजर ने पोस्ट में तीन टेलीग्राम लिंक भी शेयर किए हैं।
ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर पेपर लीक और सलेक्शन के दावे
नीट यूजी रीएग्जाम 21 जून को होगा। ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर पेपर लीक और सलेक्शन कराने के दावे करने वाले सक्रिय हो गए हैं। कई टेलिग्राम चैनल्स पर RE-NEET का प्रश्न पत्र दिलाने और 620 से अधिक स्कोर दिलाने के दावे किए जा रहे हैं। बदले में 20 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद क्राइम पुलिस को एक आवेदन देकर जांच की मांग की गई है कि क्या इन टेलिग्राम चैनल्स के पास सचमुछ ऐसी कुछ सामग्री है या फिर ये सिर्फ NEET में सफलता के इच्छुक छात्रों और उनके अभिभावकों को ठगने की कोशिश। कथित रैकेट कई टेलिग्राम चैनल्स के जरिए चल रहे हैं, जो बार-बार अपना नाम बदलते हैं और सदस्यों को सिर्फ रेफरल के जरिए जोड़ा जा रहा है।
कितने पैसों की डिमांड
इन चैनल्स में Re-NEET के प्रश्न पत्र दिलाने के लिए 60 हजार से 1 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। कुछ ग्रुप में 700 में से 620 से अधिक नंबर दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की जा रही है। एक चैनल में रिपोर्टर ने NEET अभ्यर्थी बनकर खुद को शामिल कराया। इसके संचालक ने कहा, 'आपको टोकन के रूप में 50 हजार रुपये देने हैं और इसके बाद बेंगुलुरु के दफ्तर में हमारे बॉस से व्यक्तिगत रूप से मिलिए। परीक्षा वाले दिन आपको OMR शीट को खाली छोड़ देनी है। हमारी प्रमुख एजेंसियों के साथ सेटिंग है और हम सुनिश्चित करेंगे कि बाद में सही उत्तर भर दिए जाएंगे और आपको 620 से ज्यादा नंबर मिलेंगे। कुल 20 लाख रुपये देने होंगे।'
एक कथित ऑपरेटर ने अहमदाबाद के एक्टिविस्ट शुभम ठाकर से असली पेपर लीक का दावा किया। कथित ऑपरेटर ने खुद को दिल्ली में एक प्रमुख कोचिंग सेंटर का फैकल्टी बताया। ठाकर ने कहा, 'उस शख्स ने दावा किया कि उसके नेटवर्क ने आधा प्रश्न पत्र 35 लाख में खरीदा है और शेष प्रश्न परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर मिलेंगे। उसने दावा किया कि नेटवर्क को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उसने कैडिडेट्स से QR कोड के जरिए पैसे देने की मांग की।' साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराते हुए ठाकर ने ऑपरेटरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चैनल Re-NEET परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा करके छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। रिपोर्ट में एसीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकादिया के हवाले से कहा गया, 'हमें पता चला है कि पैसों के बदले NEET पेपर दिलाने का दावा करने वाले तत्व सामने आ रहे हैं। लोगों को पहले से ही चेतावनी दी जाती है कि ये लोग धोखेबाज हैं। लोगों को घबराना नहीं चाहिए और इनसे दूर रहना चाहिए।' अधिकारियों ने कहा कि 9 चैनल जांच के दायरे में हैं। एक चैनल ने 7900 लोगों से 5.74 करोड़ रुपये जुटाने का दावा किया है।




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