मट्ठा पीने से 24 से ज्यादा बच्चों की बिगड़ी तबीयत; 4 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, गांव में हड़कंप
ग्रामीणों ने बताया कि रामशंकर के घर कुछ दिन पहले भैंस ने बच्चा दिया था। गांव में एक रस्म है कि भैंस के बच्चा देने पर पहली बार उसके दूध से बना मट्ठा छोटे बच्चों को पिलाया जाता है। इसी के चलते गांव के दो दर्जन से ज्यादा छोटे बच्चों को मट्ठा पिलाया गया था। इसके बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई।

रायबरेली जिले के कोतवाली क्षेत्र के पूरे रुद्र के मजरा मटका गांव में मट्ठा पीने से दो दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए। उन्हें पहले सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके बाद सभी बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसमें एक ही परिवार के सात बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हैं। मट्ठा पीने से दो दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार होने से गांव में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मट्ठा पीने से बच्चों की बिगड़ी तबीयत
सलोन सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि सभी बच्चों को बदहजमी और गैस्ट्रो की समस्या थी। सीएचसी में समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि परिजनों ने अपने-अपने बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया है। फिलहाल सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि गांव पूरे रूद्र के मजरा मटका निवासी रामशंकर के घर कुछ दिन पहले भैंस ने बच्चा दिया था। गांव में एक रस्म है कि भैंस के बच्चा देने पर पहली बार उसके दूध से बना मट्ठा छोटे बच्चों को पिलाया जाता है। इसी के चलते बीते सोमवार को गांव के दो दर्जन से ज्यादा छोटे बच्चों को मट्ठा पिलाया गया था। इसके बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई।
अस्पताल में बच्चों को कराया भर्ती
ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते-होते कुछ बच्चों की हालत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें उल्टी-दस्त की समस्या थी। इसपर परिजनों ने उन्हें आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां हालत में सुधार नहीं होने के बाद बच्चों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। सीएचसी में भी सुधार नहीं होने पर बुधवार रात करीब 12 बजे चार एंबुलेंस से बच्चों को जिला अस्पताल और हायर सेंटर पहुंचाया गया।
इसमें महक पुत्री मनोज (5), शिखा पुत्र श्रीकेस (6), शिवानी पुत्री हरिकेश (15), कृष्णा पुत्र हरिकेश (09), खुशबू (09) पुत्री दिलीप का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा रुद्रांश पुत्र लवकुश (8), आदर्श पुत्र लवकुश (14), मधु पुत्र प्रेमचंद (11), प्रिंस पुत्र प्रेमचंद (8), अंश पुत्र प्रेमचंद (6), नीमा पत्नी प्रेमचंद (30), चांदनी पुत्री संतु (12),आर्यन पुत्र संतु (09), अनिका पुत्री संतु (6),आयत पुत्र संतु (3), अर्पित पुत्र श्री चंद्र,अर्जुन पुत्र संतु (15) का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
इस मामले में अधीक्षक डॉक्टर अमित सिंह ने बताया कि मट्ठा पीने से बच्चों को गैस्ट्रो टाइट बदहजमी हो गई थी। सभी बच्चों का इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। बाकी गांव में किसी को भी कोई दिक्कत नहीं है। फिलहाल गांव में बच्चों पर नजर रखी जा रही है।




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